लाइटें बंद, बजेंगे सायरन... UP के सभी जिलों में 23 जनवरी को ब्लैकआउट

Edited By Updated: 21 Jan, 2026 09:41 PM

lights off sirens will sound  blackout in all districts of up on january 23

उत्तर प्रदेश में 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर एक बड़ी ब्लैकआउट मॉकड्रिल आयोजित की जाएगी। इस दौरान प्रदेश के सभी 75 जिलों में एक साथ ब्लैकआउट किया जाएगा। इस मॉकड्रिल का मकसद आपात स्थिति में दुश्मन देश के संभावित हमले से निपटने की...

नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश में 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर एक बड़ी ब्लैकआउट मॉकड्रिल आयोजित की जाएगी। इस दौरान प्रदेश के सभी 75 जिलों में एक साथ ब्लैकआउट किया जाएगा। इस मॉकड्रिल का मकसद आपात स्थिति में दुश्मन देश के संभावित हमले से निपटने की तैयारियों को परखना है और यह जांचना है कि प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियां और आम लोग ऐसी परिस्थितियों में कितने सतर्क और सक्षम हैं।

लखनऊ में हुआ मॉकड्रिल का रिहर्सल, अचानक मच गया हड़कंप

राजधानी लखनऊ में इस मॉकड्रिल का रिहर्सल बुधवार शाम किया गया, जिसने कुछ देर के लिए माहौल को पूरी तरह बदल दिया। पुलिस लाइन में लोग रोजमर्रा की तरह अपने कामों में लगे थे- कोई पार्क में बैठकर अखबार पढ़ रहा था, कोई भजन गा रहा था और चायवाला चाय बेच रहा था। तभी अचानक जोरदार धमाके की आवाज गूंजी और हवाई हमले का संकेत मिलते ही सायरन बजने लगे।

कुछ ही पलों में पार्क में अफरातफरी मच गई। लोग घायल होने लगे- किसी के सिर में चोट, किसी के हाथ-पैर में जख्म दिखाए गए। दरअसल, यह सब 23 जनवरी को पूरे प्रदेश में होने वाली ब्लैकआउट मॉकड्रिल का हिस्सा था, ताकि वास्तविक हालात जैसी स्थिति में राहत और बचाव कार्यों की तैयारी को परखा जा सके।

बम धमाके, आग और फंसे लोग…

रिहर्सल के दौरान यह मानकर अभ्यास किया गया कि बम धमाकों से कई जगह आग लग गई है। कुछ लोग ऊंची इमारतों में फंस गए हैं, एक बिल्डिंग हमले में ढह गई है और एक कार में आग लगने से उसके दरवाजे जाम हो गए हैं। इन सभी परिस्थितियों से निपटने के लिए सिविल डिफेंस, आपदा प्रबंधन, SDRF और NDRF की टीमें मौके पर सक्रिय रहीं।

सिविल डिफेंस के जवानों ने सबसे पहले घायलों को फर्स्ट एड दिया। आग बुझाने के लिए गीले कंबल और पानी का इस्तेमाल किया गया। ऊंची इमारत में फंसे लोगों को सुरक्षा जाल की मदद से बाहर निकाला गया, जबकि कार का शीशा तोड़कर अंदर फंसे ड्राइवर को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

यह मॉकड्रिल दिखाती है कि आपात हालात में समय पर और सही कदम कितने जरूरी होते हैं। 23 जनवरी को होने वाला यह अभ्यास पूरे प्रदेश के लिए एक बड़ी तैयारी साबित होगा, जिसमें प्रशासन से लेकर आम जनता तक की सतर्कता और समन्वय की परीक्षा ली जाएगी।

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