Edited By Ramkesh,Updated: 04 Jul, 2026 08:24 PM

महाराष्ट्र में टीईटी-2026 प्रश्नपत्र के कथित तौर पर लीक होने के मामले की जांच कर रही पुलिस ने तीन और लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसके बाद हिरासत में लिए गए आरोपियों की कुल संख्या सात हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष...
नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र में टीईटी-2026 प्रश्नपत्र के कथित तौर पर लीक होने के मामले की जांच कर रही पुलिस ने तीन और लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसके बाद हिरासत में लिए गए आरोपियों की कुल संख्या सात हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान सोनू सिंह, मिथुन सिंह और कपिल दहिया के रूप में हुई है।
उन्हें बृहस्पतिवार को स्थानीय मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस के अनुसार, इन गिरफ्तारियों के साथ अब तक इस मामले में कुल सात लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी)-2026 को परीक्षा आयोजित होने से एक दिन पहले 27 जून को स्थगित कर दिया गया था।
यह फैसला तब लिया गया जब ठाणे जिले की पुलिस ने पाया कि प्रश्नपत्र का एक हिस्सा लीक हो गया है और इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। एसआईटी की जांच में सामने आया कि यह गिरोह दिल्ली, आगरा, बिहार और हरियाणा तक फैला हुआ था। इससे पहले जांच के दौरान गिरोह के कथित सरगना विजेंद्र गुप्ता की पत्नी सुमन कुमारी गुप्ता को पटना से गिरफ्तार किया गया था।
कॉल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन के सुरागों से उसके विजेंद्र गुप्ता से संबंधों की पुष्टि हुई थी। अधिकारियों ने बताया कि एसआईटी ने विजेंद्र गुप्ता और उसके अन्य साथियों का पता लगाने के लिए कई राज्यों में अपनी टीम भेजी हैं। देशभर में चर्चा में रहे नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक मामले के बाद सामने आए इस टीईटी प्रश्नपत्र लीक मामले से लगभग छह लाख अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं।