मन की बात में PM मोदी ने की आत्मनिर्भरता की दिशा में देश की उपलब्धियों की सराहना

Edited By Updated: 28 Jun, 2026 01:49 PM

mann ki baat pm modi praised the country achievements towards self reliance

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत में निर्मित सी-295 विमान की पहली उड़ान का उल्लेख करते हुए आत्मनिर्भर बनने की दिशा में देश की कई उपलब्धियों को रविवार को रेखांकित करते हुए कहा कि इस विमान से देश की वैमानिकी निर्माण क्षमताओं को बढ़ावा मिलेगा। मोदी...

नेशनल डेस्कः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत में निर्मित सी-295 विमान की पहली उड़ान का उल्लेख करते हुए आत्मनिर्भर बनने की दिशा में देश की कई उपलब्धियों को रविवार को रेखांकित करते हुए कहा कि इस विमान से देश की वैमानिकी निर्माण क्षमताओं को बढ़ावा मिलेगा। मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में कहा कि देश ने जून में विमानन क्षेत्र में एक बड़ी सफलता हासिल की। उन्होंने कहा कि सी-295 विमान भारत में बनाया गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा, ''ऐसे 40 विमान यहीं भारत में बनाए जा रहे हैं और इससे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) तथा वैमानिकी क्षेत्र को नयी मजबूती मिल रही है।'' उन्होंने कहा कि इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। भारत में निर्मित पहले सी-295 सैन्य परिवहन विमान ने 10 जून को सफलतापूर्वक अपनी पहली उड़ान पूरी की थी। भारतीय वायुसेना करीब 21,935 करोड़ रुपये की लागत से 56 सी-295 परिवहन विमान खरीद रही है। इनमें से 40 विमानों को 'टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड' द्वारा एयरबस के सहयोग से वडोदरा स्थित निर्माण केंद्र में तैयार किया जाएगा।

मोदी ने कहा कि जून में देश ने कुछ ऐसी उपलब्धियां हासिल कीं जो हर नागरिक को गर्व से भर देती हैं। उन्होंने कहा, ''हाल में मुझे कोलकाता में नौसेना से जुड़े एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने का अवसर मिला। वहां आईएनएस दूनागिरि, आईएनएस संशोधक और आईएनएस अग्रय को भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल किया गया। इन पोतों के डिजाइन से लेकर निर्माण तक सब कुछ स्वदेशी है।'' 

प्रधानमंत्री ने 21 जून को मनाए गए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में 2,500 से अधिक स्थानों पर विभिन्न योग कार्यक्रम आयोजित किए गए जिनमें करोड़ों लोगों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि अहमदाबाद में आयोजित 'विश्व योगासन चैंपियनशिप' की भी काफी चर्चा रही जिसमें भारत ने 102 स्वर्ण पदक सहित कुल 114 पदक जीते और पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया।

मोदी ने नालंदा विश्वविद्यालय द्वारा 'शास्त्रार्थ' की प्राचीन परंपरा को पुनर्जीवित किए जाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 'शास्त्रार्थ' केवल अपने विचार व्यक्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि वाद-विवाद, संवाद और विचार-विमर्श की एक अनुशासित प्रक्रिया है। मोदी ने कहा, ''इसमें तर्क और तथ्यों के साथ अपनी बात रखना बेहद महत्वपूर्ण होता है और इसमें दक्षता होनी चाहिए। दूसरों के विचारों को धैर्यपूर्वक सुनने और समझने का अभ्यास भी शास्त्रार्थ की इसी प्रक्रिया से आता है। मुझे खुशी है कि नालंदा विश्वविद्यालय ने इसे अपने दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनाया है।'' 
 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!