Edited By jyoti choudhary,Updated: 30 Jun, 2026 02:25 PM

टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स (Tata Electronics) एक कथित बड़े साइबर सिक्योरिटी मामले के कारण चर्चा में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रैनसमवेयर ग्रुप World Leaks ने Tata Electronics से चोरी किए गए डेटा का एक हिस्सा डार्क वेब पर जारी किया है। दावा किया जा रहा है कि...
बिजनेस डेस्कः टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स (Tata Electronics) एक कथित बड़े साइबर सिक्योरिटी मामले के कारण चर्चा में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रैनसमवेयर ग्रुप World Leaks ने Tata Electronics से चोरी किए गए डेटा का एक हिस्सा डार्क वेब पर जारी किया है। दावा किया जा रहा है कि लीक हुई फाइलों में Apple के आने वाले iPhone 18 Pro मॉडल से जुड़ी संवेदनशील जानकारी, पार्ट्स और सप्लायर नेटवर्क की डिटेल्स शामिल हैं।
Tata Electronics की डेटा सिक्योरिटी व्यवस्था पर सवाल
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, लीक हुए दस्तावेजों में iPhone 18 Pro के कई कंपोनेंट्स की जानकारी होने का दावा किया गया है। इसमें मेन सर्किट बोर्ड पर इस्तेमाल होने वाली चिप्स, बैटरी और कैमरा पार्ट्स से जुड़ी डिटेल्स शामिल बताई जा रही हैं। अगर ये दस्तावेज सही साबित होते हैं तो यह Tata Electronics की डेटा सिक्योरिटी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर सकता है।
सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कुछ फाइलों पर Apple के ‘Confidential’ वॉटरमार्क और इंटरनल कोडनेम दिखाई दिए हैं। इसके अलावा, Tata के एक प्लांट में किए जा रहे iPhone ड्रॉप टेस्ट की तस्वीरें भी लीक हुई फाइलों में होने की बात कही जा रही है।
Tata की सुरक्षा व्यवस्था पर बढ़ी चिंता
Apple दुनिया की सबसे गोपनीय कंपनियों में शामिल है और वह अपने सप्लायर नेटवर्क की जानकारी को बेहद सुरक्षित रखता है। ऐसे में Tata Electronics जैसे अहम मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर से कथित डेटा लीक होना कंपनी की साइबर सुरक्षा क्षमता पर सवाल खड़े कर रहा है।
Tata Electronics पिछले कुछ वर्षों में Apple के लिए एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर के रूप में उभरी है। चीन से बाहर iPhone उत्पादन बढ़ाने की Apple की रणनीति में Tata की भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। लेकिन इस कथित लीक ने बड़े वैश्विक सप्लाई नेटवर्क की सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है।
2 लाख से ज्यादा फाइलें लीक होने का दावा
रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि World Leaks ने Tata Electronics से 2 लाख से ज्यादा फाइलें और बड़ी मात्रा में डेटा चोरी किया। इन फाइलों में Apple के अलावा Tesla, TSMC और Qualcomm से जुड़े दस्तावेज होने का भी दावा किया गया।
भारत के ‘मैन्युफैक्चरिंग हब’ बनने के सपने को झटका?
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स इस समय भारत में ऐप्पल का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स का ग्लोबल हब बनाने में टाटा की भूमिका अहम है। एक अनुमान के मुताबिक, साल 2026 तक दुनिया के 26% आईफोन भारत में बनने की उम्मीद है, जो चार साल पहले महज 6% थे। ऐसे में इस सायबर हमले से दोनों कंपनियों के बीच भरोसे को ठेस पहुंच सकती है।
Apple और Tata ने नहीं दिया आधिकारिक बयान
फिलहाल Apple और Tata Electronics की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। इससे पहले खबरें सामने आई थीं कि Apple इस घटना की जांच कर रहा है और Tata के साथ मिलकर सिक्योरिटी सिस्टम को मजबूत करने पर काम कर रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच के दौरान कुछ इंटरनल सिस्टम एक्सेस को सीमित किया गया और सिक्योरिटी ऑडिट के लिए विशेषज्ञों की मदद ली गई।
Apple इस साल सितंबर में iPhone 18 सीरीज लॉन्च करने की तैयारी कर सकता है। ऐसे समय में सामने आया यह मामला कंपनी की सप्लाई चेन सिक्योरिटी को लेकर नए सवाल खड़े कर रहा है।