Edited By Parveen Kumar,Updated: 26 Oct, 2026 09:09 PM

दिल्ली में सोमवार को न्यूनतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में रही। सोमवार को दर्ज किया गया तापमान इस महीने अब तक का सबसे कम तापमान रहा। राष्ट्रीय राजधानी में अधिकतम तापमान सामान्य से 0.4 डिग्री कम 31.4...
नेशनल डेस्क : दिल्ली में सोमवार को न्यूनतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में रही। सोमवार को दर्ज किया गया तापमान इस महीने अब तक का सबसे कम तापमान रहा। राष्ट्रीय राजधानी में अधिकतम तापमान सामान्य से 0.4 डिग्री कम 31.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 174 रहा, जो रविवार के 153 के मुकाबले अधिक है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, शून्य से 50 तक का एक्यूआई 'अच्छा', 51 से 100 तक 'संतोषजनक', 101 से 200 तक 'मध्यम', 201 से 300 तक 'खराब', 301 से 400 तक 'बहुत खराब' और 401 से 500 तक 'गंभीर' श्रेणी में आता है। दिल्ली के 57 वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों में से 18 में वायु गुणवत्ता 'खराब' दर्ज की गई, जबकि घोघा केंद्र पर एक्यूआई 'संतोषजनक' रहा। बाकी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में दर्ज की गई। सबसे अधिक एक्यूआई 248 मथुरा रोड स्थित सीआरआरआई केंद्र पर दर्ज किया गया।
दिल्ली के लिए वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के अनुसार, 27 व 28 अक्टूबर को दिल्ली की वायु गुणवत्ता बिगड़कर 'खराब' श्रेणी में पहुंच सकती है, जबकि 29 अक्टूबर को इसमें सुधार होने और इसके 'मध्यम' श्रेणी में आने की संभावना है। इसके बाद के छह दिनों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' से 'खराब' श्रेणी के बीच रहने का अनुमान है। दिल्ली में वायु प्रदूषण में परिवहन क्षेत्र का योगदान सबसे अधिक 23.8 प्रतिशत रहा। दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, यह आंकड़ा प्रदूषण के विभिन्न स्रोतों के योगदान को दर्शाता है।
वायु प्रदूषण में उद्योगों का 4.9 प्रतिशत और निर्माण गतिविधियों का 3.3 प्रतिशत योगदान रहा। ऊर्जा और कचरा जलाने से होने वाला प्रदूषण 2.2-2.2 प्रतिशत, जबकि सड़क की धूल और अन्य क्षेत्रों का योगदान 1.6-1.6 प्रतिशत रहा। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के जिलों में सोनीपत का योगदान 7.2 प्रतिशत रहा, जिसके बाद झज्जर का छह प्रतिशत, गुरुग्राम का 2.5 प्रतिशत तथा गाजियाबाद व रोहतक का 2.3-2.3 प्रतिशत योगदान रहा। गौतम बुद्ध नगर व बागपत का योगदान 1.7-1.7 प्रतिशत, जींद का 1.3 प्रतिशत, मेरठ का एक प्रतिशत, फरीदाबाद का 0.9 प्रतिशत, मुजफ्फरनगर का 0.8 प्रतिशत और बुलंदशहर का 0.5 प्रतिशत रहा। दिल्ली में वायु प्रदूषण में पराली जलाने का योगदान 4.6 प्रतिशत तक रहा।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, यह आंकड़ा दर्ज किया गया। इस बीच, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर) के आंकड़ों के अनुसार, 25 अक्टूबर को छह राज्यों में पराली जलाने के 112 मामलों का पता चला, इनमें राजस्थान में 32, मध्यप्रदेश में 29, उत्तर प्रदेश में 25, उत्तराखंड में 18, पंजाब में सात और हरियाणा में एक घटना शामिल है। उस दिन दिल्ली में पराली जलाने का कोई मामला सामने नहीं आया।
आंकड़ों के अनुसार, 15 सितंबर से 25 अक्टूबर के बीच इन छह राज्यों में पराली जलाने के कुल 1,935 मामले सामने आए। इस अवधि में पंजाब में पराली जलाने के 581, हरियाणा में 19, उत्तर प्रदेश में 286, राजस्थान में 438, उत्तराखंड में 141 और मध्यप्रदेश में 468 मामले सामने आए। इस दौरान दिल्ली में 19 सितंबर और 24 अक्टूबर को पराली जलाने के दो मामले सामने आए। सफदरजंग मौसम केंद्र में पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में 0.3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि और न्यूनतम तापमान में 0.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। पालम में अधिकतम तापमान सामान्य से 2.8 डिग्री कम 29.3 डिग्री सेल्सियस रहा। यहां न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.5 डिग्री कम 16.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लोधी रोड में अधिकतम तापमान सामान्य से 0.6 डिग्री कम 31.4 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य के करीब 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
रिज मौसम केंद्र में अधिकतम तापमान सामान्य से 1.1 डिग्री कम 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यहां न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.9 डिग्री कम 16.6 डिग्री सेल्सियस रहा। आयानगर में अधिकतम तापमान सामान्य से 1.2 डिग्री कम 31.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यहां न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.5 डिग्री कम 15.7 डिग्री सेल्सियस रहा। शाम साढ़े पांच बजे तक पिछले 24 घंटों के दौरान पांचों मौसम केंद्रों में से किसी में भी बारिश दर्ज नहीं की गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि दिल्ली में 28 अक्टूबर तक आसमान साफ रहने की संभावना है। विभाग के अनुसार, 29 और 30 अक्टूबर को गरज के साथ बारिश हो सकती है।