Edited By Pardeep,Updated: 27 Oct, 2026 09:42 PM

वैश्विक स्तर पर अमेरिका-ईरान और यूक्रेन-रूस संघर्षों के कारण बने ईंधन संकट और बाधित आपूर्ति के बीच भारत वैश्विक रिफाइनिंग हब के रूप में तेजी से उभर रहा है। सरकारी तेल कंपनियों द्वारा रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाए जाने से वर्ष 2027 से देश के डीजल निर्यात...
नई दिल्ली: वैश्विक स्तर पर अमेरिका-ईरान और यूक्रेन-रूस संघर्षों के कारण बने ईंधन संकट और बाधित आपूर्ति के बीच भारत वैश्विक रिफाइनिंग हब के रूप में तेजी से उभर रहा है। सरकारी तेल कंपनियों द्वारा रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाए जाने से वर्ष 2027 से देश के डीजल निर्यात में भारी बढ़ोतरी होने जा रही है, जिससे वैश्विक ईंधन बाजार में भारत की हिस्सेदारी और भूमिका काफी बढ़ जाएगी। केपलर (Kpler) के शिप-ट्रैकिंग आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष भारत अमेरिका के बाद समुद्री मार्ग से डीजल निर्यात करने वाला दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश बन चुका है।
2027 तक सरकारी तेल कंपनियां बढ़ाएंगी 16.5 मिलियन टन डीजल उत्पादन क्षमता
उद्योग अधिकारियों के अनुसार, 2027 में भारतीय सरकारी रिफाइनरियां अपनी मौजूदा रिफाइनरियों की क्षमता बढ़ाकर डीजल उत्पादन क्षमता में 16.5 मिलियन टन की वृद्धि करेंगी।
कंपनीवार विस्तार योजनाएं इस प्रकार हैं:
- इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC): देश की सबसे बड़ी रिफाइनर कंपनी IOC सालाना क्षमता में लगभग 18 मिलियन टन का विस्तार कर रही है, जिससे प्रति वर्ष लगभग 8 मिलियन टन अतिरिक्त डीजल का उत्पादन होगा।
- हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL): राजस्थान में एचपीसीएल की 9 मिलियन टन क्षमता वाली नई रिफाइनरी के स्थिर होने के बाद अगले साल से 3 मिलियन टन डीजल का उत्पादन शुरू होगा।
- भारत पेट्रोलियम (BPCL): बीपीसीएल के चेयरमैन संजय खन्ना के अनुसार, कंपनी अगले साल से 1.5 मिलियन टन अतिरिक्त डीजल का उत्पादन करेगी।
- नुमालीगढ़ रिफाइनरी (Numaligarh): ऑयल इंडिया की सहायक कंपनी नुमालीगढ़ रिफाइनरी का मार्च में 9 मिलियन टन तक विस्तार पूरा होने पर 3 मिलियन टन अतिरिक्त डीजल उत्पादन क्षमता जुड़ेगी।
रिफाइनिंग हब बनने की ओर भारत, 2030 तक 300 मिलियन टन क्षमता का लक्ष्य
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत न केवल अपनी घरेलू जरूरतों के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए रिफाइनिंग करने की सुखद स्थिति में होगा। भारत 2030 तक अपनी रिफाइनिंग क्षमता को बढ़ाकर 300 मिलियन टन प्रति वर्ष (tpy) करने की तैयारी कर रहा है, जिसे आगे चलकर 400 मिलियन tpy तक पहुंचाया जाएगा।
वर्तमान में रिलायंस और नयारा जैसी निजी रिफाइनरियां मुख्य रूप से रिफाइंड ईंधन का निर्यात करती हैं, जबकि सरकारी कंपनियां मुख्य रूप से घरेलू मांग को पूरा करती हैं। हालांकि, क्षमता विस्तार के बाद सरकारी कंपनियों की घरेलू खरीद पर निर्भरता घटेगी और निर्यात के लिए अतिरिक्त डीजल उपलब्ध हो सकेगा।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बताया 'रिफाइनिंग सुपरपावर'
जामनगर स्थित रिलायंस के विशाल रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स के हालिया दौरे के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) ने भारत को 'रिफाइनिंग सुपरपावर' करार दिया था। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत की विस्तारित रिफाइनिंग क्षमता विभिन्न प्रकार के क्रूड ऑयल और पेट्रोकेमिकल फीडस्टॉक को प्रोसेस करने के हिसाब से डिजाइन की गई है, जिससे भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में मूल्य लाभ उठाने में मदद मिलेगी।