Edited By Anu Malhotra,Updated: 16 Jun, 2026 10:18 AM

दक्षिण-पश्चिम मॉनसून भारत के कई हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन इसकी व्यापक बारिश अभी कमजोर बनी हुई है और कम से कम एक हफ्ते तक धीमी रहने की संभावना है। मौसम मॉडल बताते हैं कि 23 जून के आसपास हालात बेहतर होने से पहले बारिश में ठहराव जैसा...
नेशनल डेस्क: दक्षिण-पश्चिम मॉनसून भारत के कई हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन इसकी व्यापक बारिश अभी कमजोर बनी हुई है और कम से कम एक हफ्ते तक धीमी रहने की संभावना है। मौसम मॉडल बताते हैं कि 23 जून के आसपास हालात बेहतर होने से पहले बारिश में ठहराव जैसा दौर रह सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मॉनसून तकनीकी रूप से मध्य और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ रहा है, लेकिन बारिश देने वाला सिस्टम फिलहाल कमजोर है। 15 से 21 जून के बीच बड़े पैमाने पर मॉनसून गतिविधि सुस्त रहने की उम्मीद है, जिससे कई इलाकों में बारिश की कमी और बढ़ सकती है।
इस दौरान व्यापक मॉनसून बारिश की जगह अधिकतर क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर गरज-चमक वाले तूफ़ान (थंडरस्टॉर्म) से बारिश होगी। खासकर दक्षिण भारत में कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के सीमावर्ती इलाकों और पूर्वी घाट में ऐसे तूफ़ान आने की संभावना है, जिससे कुछ जगहों पर मध्यम से भारी बारिश, बिजली और तेज़ हवाएँ चल सकती हैं।
हालांकि, अगले कुछ दिनों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं, लेकिन फिर भी बारिश की तीव्रता सीमित रह सकती है।
मॉनसून का आगे बढ़ना और भारी बारिश होना हमेशा साथ-साथ नहीं चलते। हवाएं आगे बढ़ सकती हैं, लेकिन अच्छी बारिश के लिए जरूरी वायुमंडलीय परिस्थितियां अभी कमजोर हैं। जून के दूसरे हिस्से में स्थिति धीरे-धीरे सुधर सकती है। 22 से 28 जून के बीच कर्नाटक के अंदरूनी इलाके, आंध्र प्रदेश-कर्नाटक सीमा, दक्षिण तमिलनाडु और केरल के पश्चिमी घाट में तूफ़ानी बारिश बढ़ने की संभावना है।
इस दौरान केरल, कर्नाटक के तटीय क्षेत्र और मुंबई की ओर कोंकण तट पर भी बारिश बढ़ सकती है, लेकिन अभी भारी मॉनसून बारिश का स्पष्ट संकेत नहीं है। महीने के अंत तक यानी 29 जून से 5 जुलाई के बीच मॉनसून फिर से मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है। इस समय दक्षिण केरल, पश्चिमी घाट और कोंकण तट पर अच्छी और भारी बारिश की शुरुआत हो सकती है। कुल मिलाकर, फिलहाल बारिश कम रहने की स्थिति है, और अगले कुछ दिनों तक कई इलाकों को मुख्य रूप से स्थानीय तूफ़ानी बारिश पर ही निर्भर रहना पड़ सकता है।