UP में कुदरत का कहर : 24 घंटे में 111 मौतें, भीषण आंधी-तूफान, बारिश और आकाशीय बिजली ने मचाई तबाही

Edited By Updated: 14 May, 2026 10:47 PM

natural disaster in up

उत्तर प्रदेश में 13 मई को आए तेज आंधी-तूफान, बारिश, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचाई। प्रदेश के 26 जिलों में आए भीषण आंधी-तूफान, बारिश, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें पिछले 24 घंटों के दौरान 111 लोगों की जान चली...

 

नेशनल डेस्कः उत्तर प्रदेश में 13 मई को आए तेज आंधी-तूफान, बारिश, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचाई। प्रदेश के 26 जिलों में आए भीषण आंधी-तूफान, बारिश, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें पिछले 24 घंटों के दौरान 111 लोगों की जान चली गई है। इस आपदा में 72 लोग घायल हुए हैं, जबकि 170 बेजुबान पशुओं की भी मौत हो गई है। तूफान की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेश भर में 227 मकान जमींदोज हो गए हैं।

प्रयागराज और मिर्जापुर में सबसे ज्यादा 'प्रलय' तूफान का सबसे दर्दनाक चेहरा प्रयागराज मंडल में देखने को मिला। आंकड़ों के मुताबिक:

  • प्रयागराज: यहां सबसे ज्यादा 21 लोगों की मौत दर्ज की गई है।
  • मिर्जापुर: यहाँ 19 लोगों ने दम तोड़ा है।
  • भदोही (संत रविदास नगर): यहाँ 16 लोगों की जान गई है।
  • फतेहपुर: जिले में 11 लोगों की मौत की खबर है।

मुख्यमंत्री योगी का 'हंटर': 24 घंटे में मदद का अल्टीमेटम
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि प्रभावित परिवारों का सत्यापन कर अगले 24 घंटे के भीतर सहायता राशि वितरित की जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी भी अधिकारी द्वारा पीड़ित परिवारों की अनदेखी की गई, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

मैदान में उतरेंगे मंत्री, 'सचेत' ने समय रहते चेताया
राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों को तत्काल अपने-अपने क्षेत्रों का दौरा करने और पीड़ित परिवारों से सीधे मुलाकात करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को खुद फील्ड में उतरने को कहा है।

प्रशासन ने बताया कि मौसम विभाग की चेतावनी के बाद 'सचेत' पोर्टल के माध्यम से लोगों को रिकॉर्ड 34 करोड़ 64 लाख अलर्ट मैसेज भेजे गए थे। फिलहाल, राज्य स्तरीय आपदा हेल्पलाइन नंबर 1070 पर आने वाली शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया जा रहा है और राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं。

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