Edited By Pardeep,Updated: 14 May, 2026 10:39 PM

: कभी राजनीतिक गलियारों में अपनी हनक दिखाने वाले भाजपा के पूर्व प्रदेश महासचिव शांतनु सिन्हा की मुश्किलें अब कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। जमीन हड़पने और जबरन वसूली (Extortion) के गंभीर आरोपों के बीच जांच एजेंसियों ने उनके खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर...
नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल की राजनीति और पुलिस महकमे में उस समय हड़कंप मच गया जब एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर (DCP) शांतनु सिन्हा बिस्वास को गिरफ्तार कर लिया। बिस्वास पर कुख्यात अपराधी बिस्वजीत पोद्दार उर्फ “सोना पप्पू” और कारोबारी जय कामदार के साथ मिलकर एक बड़ा एक्सटॉर्शन (वसूली) और ज़मीन हड़पने का रैकेट चलाने का गंभीर आरोप है।
समन की अनदेखी पड़ी भारी, पूछताछ में नहीं किया सहयोग
जांच एजेंसी के मुताबिक, शांतनु सिन्हा को बार-बार समन जारी किए गए थे, लेकिन वह पेश होने से बच रहे थे। गुरुवार को जब वह आखिरकार ED के सामने पेश हुए, तो अधिकारियों ने पाया कि वह तथ्यों को दबा रहे हैं और जांच में बिल्कुल भी सहयोग नहीं कर रहे हैं, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। बताया जा रहा है कि बिस्वास को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का करीबी माना जाता है, जिससे यह मामला और भी गरमा गया है।
करोड़ों का कैश और रिवॉल्वर बरामद
ED ने इस मामले में पहले भी बिस्वास के बल्लीगंज स्थित घर और फर्न रोड वाले फ्लैट पर छापेमारी की थी। 1 अप्रैल को हुई पिछली तलाशी के दौरान एजेंसी ने 1.47 करोड़ रुपये कैश, 67 लाख रुपये का सोना-चांदी और एक देसी रिवॉल्वर ज़ब्त की थी। जांच में पता चला है कि "सोना पप्पू" और उसका सिंडिकेट इस संगठित अपराध के जरिए करोड़ों की काली कमाई कर रहा था।
पुराने मामलों की भी खुली फाइल
शांतनु सिन्हा का विवादों से पुराना नाता रहा है। वह पहले भी कालीघाट पुलिस स्टेशन के ऑफिसर-इन-चार्ज रहते हुए अवैध कोयला खनन मामले में ED की जांच के घेरे में आ चुके हैं। इसके अलावा, उन पर प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में NRI कोटे के तहत एडमिशन में धांधली करने के भी आरोप हैं। फिलहाल, उनका साथी "सोना पप्पू" अभी भी फरार है और पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है।