Edited By Radhika,Updated: 30 Mar, 2026 03:31 PM

देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में कांग्रेस का सबसे ज्यादा ध्यान और ताकत 'केरलम' (केरल) पर केंद्रित है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गांधी परिवार की साख इस बार केरल के नतीजों पर टिकी है। यही कारण है कि राहुल गांधी और...
नेशनल डेस्क: देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में कांग्रेस का सबसे ज्यादा ध्यान और ताकत 'केरलम' (केरल) पर केंद्रित है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गांधी परिवार की साख इस बार केरल के नतीजों पर टिकी है। यही कारण है कि राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने असम और बंगाल जैसे राज्यों के मुकाबले केरल में अपना पूरा डेरा डाल रखा है।
गांधी परिवार और केरल का गहरा नाता
वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी और पूर्व सांसद राहुल गांधी के लिए केरल सिर्फ एक चुनावी राज्य नहीं, बल्कि एक सुरक्षित राजनीतिक ठिकाना रहा है। 2019 में अमेठी की हार के बाद वायनाड ने ही राहुल गांधी को संसद पहुंचाया था। अब प्रियंका गांधी ने भी अपनी सक्रिय चुनावी राजनीति की शुरुआत यहीं से की है, जिससे इस राज्य की जीत-हार सीधे तौर पर गांधी परिवार के नेतृत्व पर सवाल खड़ी करेगी।

इन 5 पॉइंट्स में समझें कांग्रेस का 'केरल फोकस':
1. सीधी और दो-ध्रुवीय लड़ाई: बंगाल और असम में त्रिकोणीय मुकाबले के विपरीत, केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF और वामपंथियों के LDF के बीच सीधी टक्कर है। यहाँ भाजपा की मौजूदगी के बावजूद मुकाबला मुख्य रूप से दो ध्रुवों के बीच ही सिमटा हुआ है।
2. सत्ता परिवर्तन की उम्मीद: केरल में हर पांच साल में सरकार बदलने का रिवाज रहा है। हालांकि 2021 में पिनराई विजयन ने इसे तोड़ा था, लेकिन कांग्रेस को भरोसा है कि 10 साल के शासन के बाद अब जनता बदलाव चाहती है। 2025 के स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस के शानदार प्रदर्शन ने इस उम्मीद को और बल दिया है।
3. विजयन सरकार की घेराबंदी: कांग्रेस बेरोजगारी, बढ़ते कर्ज, सोना तस्करी और हालिया वायनाड भूस्खलन जैसे मुद्दों पर वामपंथी सरकार को घेर रही है। पार्टी इसे 'सत्ता विरोधी लहर' के रूप में देख रही है।
4. उम्र का फैक्टर और नया नेतृत्व: 81 वर्षीय मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की उम्र को कांग्रेस एक कमजोर कड़ी के रूप में पेश कर रही है। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस युवा चेहरों और 'जनरेशन चेंज' की बात कर मतदाताओं को लुभा रही है।
5. किंगमेकर वोट बैंक: केरल में 27% मुस्लिम और 18% ईसाई मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं। कांग्रेस को उम्मीद है कि राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के खिलाफ उसकी छवि इन समुदायों को UDF की ओर मजबूती से खींचेगी, खासकर मुस्लिम लीग के साथ गठबंधन के चलते।