Edited By Radhika,Updated: 25 May, 2026 11:39 AM

असम सरकार ने सोमवार को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर एक विधेयक पेश किया जिसमें बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाने और सह जीवनसाथी संबंध के पंजीकरण को अनिवार्य बनाने का प्रावधान है। संसदीय कार्य मंत्री अतुल बोरा ने मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की ओर से...
नेशनल डेस्क: असम सरकार ने सोमवार को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर एक विधेयक पेश किया जिसमें बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाने और सह जीवनसाथी संबंध के पंजीकरण को अनिवार्य बनाने का प्रावधान है। संसदीय कार्य मंत्री अतुल बोरा ने मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की ओर से विधानसभा में 'असम के लिए समान नागरिक संहिता, 2026 विधेयक' पेश किया। कांग्रेस, रायजोर दल और तृणमूल कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने इस कदम का विरोध किया और इसे लागू करने से पहले सभी हितधारकों के साथ व्यापक परामर्श की मांग की।
शर्मा ने विधेयक के 'उद्देश्य और कारणों के विवरण' में कहा, ''इस विधेयक का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और सह जीवनसाथी संबंध से संबंधित कानूनों को एकीकृत और सरल बनाना है।'' मुख्यमंत्री ने बताया कि विधेयक में विवाह के लिए पुरुषों की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष और महिलाओं की न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है और बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाया गया है। मुख्यमंत्री ने विधेयक पर कहा, ''पहली बार, विधेयक में सह जीवनसाथी के लिए कानूनी ढांचा प्रदान किया गया है।

पंजीकरण अनिवार्य करके यह कानून सुनिश्चित करता है कि इस तरह के संबंध में रह रहे साथी के अधिकारों की रक्षा हो तथा ऐसे संबंध से पैदा हुए बच्चों के अधिकारों को औपचारिक रूप से मान्यता दी जाए और उनकी रक्षा की जाए।'' हालांकि, विधेयक में यह भी कहा गया है कि यह असम में रहने वाली किसी भी अनुसूचित जनजाति पर लागू नहीं होगा।