Edited By Rohini Oberoi,Updated: 04 Feb, 2026 02:54 PM

कोरोना की यादें अभी धुंधली भी नहीं हुई थीं कि एक और खतरनाक वायरस ने भारत समेत पूरे एशिया की नींद उड़ा दी है। दक्षिण भारत से शुरू हुआ निपाह वायरस (Nipah Virus) अब पश्चिमी भारत की ओर पैर पसार रहा है। इसकी मृत्यु दर और फैलने की तीव्रता को देखते हुए...
Nipah Virus Alert : कोरोना की यादें अभी धुंधली भी नहीं हुई थीं कि एक और खतरनाक वायरस ने भारत समेत पूरे एशिया की नींद उड़ा दी है। दक्षिण भारत से शुरू हुआ निपाह वायरस (Nipah Virus) अब पश्चिमी भारत की ओर पैर पसार रहा है। इसकी मृत्यु दर और फैलने की तीव्रता को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे बेहद गंभीर श्रेणी में रखा है। आइए जानते हैं क्या है भारत में पाबंदियों का सच और इसके लक्षण।
क्या भारत में यात्रा पर लगेगी रोक?
फिलहाल भारत में इस वायरस के दो मामलों की पुष्टि हुई है। सरकार ने अभी तक देशव्यापी यात्रा प्रतिबंध या उड़ानों पर रोक नहीं लगाई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस वायरस के फैलने की दर बहुत तेज है। अगर संक्रमितों की संख्या बढ़ती है तो प्रभावित इलाकों (Containment Zones) में आवाजाही रोकी जा सकती है। फिलहाल केवल प्रभावित जिलों में स्थानीय पाबंदियां लागू हैं।

मास्क और लॉकडाउन का क्या है सच?
सोशल मीडिया पर व्यापक लॉकडाउन को लेकर चल रही खबरें फिलहाल महज एक अफवाह हैं। केवल उन्हीं क्षेत्रों में स्कूल या दफ्तर बंद किए जा रहे हैं जहाँ वायरस के एक्टिव केस मिले हैं। WHO ने सलाह दी है कि संक्रमित क्षेत्रों में मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य है क्योंकि यह वायरस 'ड्रॉपलेट्स' (संक्रमित बूंदों) के जरिए फैल सकता है।

एशिया में अलर्ट और हवाई अड्डों पर सख्ती
भारत से मामले सामने आने के बाद एशिया के कई देशों में खलबली मच गई है:
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स्क्रीनिंग: पाकिस्तान, चीन और अन्य एशियाई देशों ने हवाई अड्डों पर थर्मल स्क्रीनिंग फिर से शुरू कर दी है।
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ट्रैवल हिस्ट्री: अमेरिका और चीन जैसे देशों ने यात्रियों के लिए अपनी 'ट्रैवल हिस्ट्री' दिखाना अनिवार्य कर दिया है।
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क्वारंटाइन: संदिग्ध लक्षणों वाले यात्रियों को तुरंत क्वारंटाइन करने की व्यवस्था की गई है।

WHO की बड़ी चेतावनी: महामारी बनने की क्षमता
WHO ने निपाह को 'ब्लूप्रिंट प्रायोरिटी डिजीज' की लिस्ट में रखा है। इसका मतलब है कि इस वायरस में कोरोना की तरह ही वैश्विक महामारी (Pandemic) बनने की पूरी क्षमता है। इसकी मृत्यु दर कोरोना से भी अधिक हो सकती है, इसलिए इस पर गहन शोध और निगरानी की जरूरत है।