Edited By Rohini Oberoi,Updated: 12 Mar, 2026 02:59 PM

डिजिटल युग में भी जहां समाज में महिलाओं के प्रति अभद्र भाषा का इस्तेमाल आम बात है वहीं महाराष्ट्र के कोलगांव की ग्राम पंचायत ने एक ऐसी लकीर खींची है जिसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है। यहां की ग्राम सभा ने प्रस्ताव पास किया है कि अब अगर किसी ने मां...
Kolgaon Gram Panchayat Rs 500 Fine on Abuse : डिजिटल युग में भी जहां समाज में महिलाओं के प्रति अभद्र भाषा का इस्तेमाल आम बात है वहीं महाराष्ट्र के कोलगांव की ग्राम पंचायत ने एक ऐसी लकीर खींची है जिसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है। यहां की ग्राम सभा ने प्रस्ताव पास किया है कि अब अगर किसी ने मां या बहन के नाम पर गाली दी तो उसे 500 रुपए का जुर्माना भरना होगा।
कैसे शुरू हुई यह पहल?
इंटरनेशनल वुमेन्स डे (International Women's Day) के मौके पर गांव में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसी दौरान एक स्वयं सहायता समूह (Self Help Group) की सदस्य पूजा जगताप ने यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग एक-दूसरे को नीचा दिखाने के लिए मां-बहन की गाली देते हैं जो महिलाओं के आत्मसम्मान पर चोट है। इस सुझाव पर ग्राम सभा में चर्चा हुई और सरपंच की मौजूदगी में इसे कानून बना दिया गया।
डिजिटल सबूत: बिना वीडियो-ऑडियो नहीं होगी कार्रवाई
नियम का दुरुपयोग न हो इसके लिए पंचायत ने एक शर्त रखी है। जुर्माना तभी वसूला जाएगा जब शिकायतकर्ता के पास वीडियो या ऑडियो के रूप में सबूत होगा। सरपंच पुरुषोत्तम लगद ने बताया कि इस जुर्माने से जो भी राशि इकट्ठा होगी उसे गांव के विकास कार्यों में खर्च किया जाएगा।
सिर्फ गाली ही नहीं, सफाई और पढ़ाई पर भी सख्त नियम
कोलगांव केवल गालियों पर लगाम लगाकर ही नहीं रुक रहा यहां अनुशासन के कई और उदाहरण भी हैं:
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सफाई टैक्स: अगर कोई अपने घर या दुकान के बाहर कचरा फैलाता है तो फोटो सबूत मिलने पर 100 रुपए का जुर्माना देना होगा।
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नो टीवी-मोबाइल टाइम: गांव में पिछले एक साल से नियम है कि शाम 7 से 9 बजे तक कोई भी बच्चा या माता-पिता टीवी और मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करेंगे। यह समय केवल बच्चों की पढ़ाई के लिए समर्पित है।
एक आदर्श गांव की तस्वीर
करीब 9 हजार की आबादी वाले इस गांव में विभिन्न धर्मों और जातियों के लोग भाईचारे के साथ रहते हैं। यहाँ का मुख्य व्यवसाय खेती है। ग्रामीणों का मानना है कि इन नियमों से न केवल गांव साफ-सुथरा रहेगा बल्कि आने वाली पीढ़ी में महिलाओं के प्रति सम्मान और शिक्षा के प्रति रुचि भी बढ़ेगी।