Edited By Anu Malhotra,Updated: 22 Apr, 2026 03:39 PM

Army Canteen Liquor Price: देश की सबसे अहम सुरक्षाकवच कहलाने वाली इंडियन आर्मी की नौकरी जितनी हार्ड है उतनी ही सरकारी इन्हें सुविधाएं भी प्रदान करती है। जिनमें कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट (CSD) शामिल है। इसमें केवल आर्मी वाले ही शाॅपिंग कर सकते है...
Army Canteen Liquor Price: देश की सबसे अहम सुरक्षाकवच कहलाने वाली इंडियन आर्मी की नौकरी जितनी हार्ड है उतनी ही सरकारी इन्हें सुविधाएं भी प्रदान करती है। जिनमें कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट (CSD) शामिल है। इसमें केवल आर्मी वाले ही शाॅपिंग कर सकते है जिन्हें मार्केट के हिसाब से यहां सस्ती दरों पर सामान मिलता है।
हाल ही में हैदराबाद में प्रीमियम शराब की बड़ी खेप पकड़ी गई जिसके बाद इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कैंटीन में मिलने वाली शराब इतनी सस्ती क्यों होती है।
दरअसल, हैदराबाद में आबकारी विभाग ने छापेमारी के दौरान लगभग 10 लाख रुपये की 361 प्रीमियम शराब की बोतलें बरामद कीं। जांच में सामने आया कि यह शराब बेंगलुरु और हरियाणा की डिफेंस कैंटीन से लाई गई थी और खुले बाजार में ऊंचे दामों पर बेची जा रही थी। इस अवैध कारोबार में एक रिटायर्ड आर्मी कर्मचारी का नाम सामने आया है, जो फिलहाल फरार बताया जा रहा है। इस घटना ने सिस्टम में मौजूद खामियों को उजागर कर दिया है।
कैंटीन में शराब इतनी सस्ती क्यों मिलती?
अब सवाल यह है कि CSD कैंटीन में शराब इतनी सस्ती क्यों मिलती है। दरअसल, इन कैंटीनों में मिलने वाले products पर टैक्स में भारी छूट दी जाती है। शराब पर लगने वाला excise duty और GST काफी हद तक माफ या कम कर दिया जाता है क्योंकि यह व्यवस्था रक्षा मंत्रालय के तहत आती है। इसी कारण बाजार में 1500 रुपये तक मिलने वाली शराब कैंटीन में करीब 500 से 800 रुपये के बीच मिल जाती है।
कैंटिन में कौन कितनी खरीद सकता है शराब
शराब की खरीद पर पूरी तरह नियंत्रण रखा जाता है और इसके लिए एक तय कोटा सिस्टम लागू है। यह कोटा सैनिक की रैंक के आधार पर तय होता है। -सीनीयर अधिकारियों को आमतौर पर एक महीने में करीब 10 बोतल (750 ml) खरीदने की अनुमति
-जूनियर कमीशंड अधिकारियों को लगभग 6 से 7 बोतलें मिलती हैं,
-अन्य जवानों के लिए यह सीमा 4 से 5 बोतल प्रति माह होती है। यह नियम सेवारत और रिटायर्ड दोनों कर्मियों पर लागू होता है।
कार्ड के जरिए होती है शाॅपिंग
CSD से खरीदारी के लिए स्मार्ट कार्ड अनिवार्य होता है। हर खरीद का रिकॉर्ड डिजिटल सिस्टम में दर्ज होता है ताकि कोई भी व्यक्ति अपने निर्धारित कोटे से अधिक शराब न ले सके। साथ ही, बीयर और हार्ड ड्रिंक के बीच Options भी दिया जाता है, जैसे एक शराब की बोतल के बदले चार बीयर ली जा सकती हैं।
2023 के बाद नियमों में कुछ बदलाव भी किए गए हैं। अब सैनिकों को अपने मासिक कोटे का 50 प्रतिशत हिस्सा महंगी शराब पर खर्च करने की अनुमति है, जिसकी कीमत 2000 रुपये से अधिक हो सकती है।