Edited By Ramkesh,Updated: 23 Jul, 2026 05:11 PM

सोशल मीडिया पर अरुणाचल प्रदेश की एक कथित डैम साइट का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में बड़ी मात्रा में टहनियां और गिरी हुई लकड़ी दिखाई दे रही है, जिसे कमला हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट से जोड़ा जा रहा है। इसके बाद परियोजना के पर्यावरणीय...
नेशनल डेस्क: सोशल मीडिया पर अरुणाचल प्रदेश की एक कथित डैम साइट का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में बड़ी मात्रा में टहनियां और गिरी हुई लकड़ी दिखाई दे रही है, जिसे कमला हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट से जोड़ा जा रहा है। इसके बाद परियोजना के पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर बहस तेज हो गई है।
वायरल वीडियो में एक डैम परियोजना क्षेत्र में बड़ी संख्या में कटे हुए पेड़ों की टहनियां और लकड़ियां दिखाई दे रही हैं। सोशल मीडिया पर कई यूज़र्स दावा कर रहे हैं कि यह दृश्य अरुणाचल प्रदेश के कमला हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट से जुड़ा है। परियोजना से संबंधित सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इस परियोजना के लिए करीब 23.4 लाख (2.34 मिलियन) पेड़ों की कटाई की आवश्यकता पड़ सकती है और इसका प्रभाव 126 गांवों तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। साथ ही, पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के तहत मध्य प्रदेश में प्रतिपूरक वृक्षारोपण का प्रस्ताव भी सामने आया है।
वीडियो के वायरल होने के बाद विकास परियोजनाओं और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों का कहना है कि ऐसी परियोजनाओं में पारिस्थितिकी तंत्र, जैव विविधता और स्थानीय समुदायों पर पड़ने वाले प्रभावों का गंभीरता से आकलन किया जाना चाहिए। हालांकि, वायरल वीडियो की पंजाब केसरी पुष्टि नहीं करता है। संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक जांच के बाद ही वीडियो की सच्चाई सामने आ सकती है।