Edited By Pardeep,Updated: 25 Jul, 2026 11:59 PM

नीट (NEET) परीक्षा पेपर लीक विवाद और छात्रों के भारी विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार में बड़ा फेरबदल हुआ है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार (25 जुलाई, 2026) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह...
नेशनल डेस्कः नीट (NEET) परीक्षा पेपर लीक विवाद और छात्रों के भारी विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार में बड़ा फेरबदल हुआ है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार (25 जुलाई, 2026) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।
प्रह्लाद जोशी को मिला अतिरिक्त प्रभार
शिक्षा मंत्रालय की कमान अब अनुभवी नेता और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को सौंपी गई है। राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सिफारिश पर जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। प्रह्लाद जोशी वर्तमान में मोदी सरकार में उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री के साथ-साथ नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।
नीट विवाद और छात्रों के प्रदर्शन का असर
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक को लेकर देशभर के युवा और छात्र सड़कों पर हैं। छात्रों की आत्महत्या और परीक्षा प्रणाली पर उठते सवालों के बीच प्रधान ने तत्काल प्रभाव से पीएम मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया।
संगठन और सरकार में लंबा अनुभव
शिक्षा मंत्रालय की नई जिम्मेदारी संभालने वाले प्रह्लाद जोशी कर्नाटक के विजयपुरा के रहने वाले हैं और वे लगातार पांच बार धारवाड़ सीट से सांसद चुने गए हैं। उन्होंने 1995 में भाजपा जिलाध्यक्ष के रूप में अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था।
अब तक संभाले ये अहम मंत्रालय:
- संसदीय कार्य मंत्री: साल 2019 में मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में उन्होंने इस पद की जिम्मेदारी संभाली।
- कोयला मंत्री: वे मोदी सरकार में कोयला मंत्रालय का प्रभार भी संभाल चुके हैं।
- वर्तमान पद: उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण तथा नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री।
प्रह्लाद जोशी को अब शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी एक ऐसे कठिन समय में मिली है जब देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। उनके लंबे प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए पीएम मोदी ने उन पर यह बड़ा भरोसा जताया है।