Edited By Radhika,Updated: 03 Jun, 2026 02:26 PM

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला बुधवार को अपनी पार्टी के विधायकों और सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायकों के साथ एक बैठक के लिए रवाना हुए। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने दावा किया था कि नेशनल कॉन्फ्रेंस...
नेशनल डेस्क: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला बुधवार को अपनी पार्टी के विधायकों और सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायकों के साथ एक बैठक के लिए रवाना हुए। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने दावा किया था कि नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) सरकार कभी भी गिर सकती है। शर्मा ने आरोप लगाया था कि सत्तारूढ़ दल के कई विधायक पाला बदलने की तैयारी में हैं। अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर विधायकों के साथ बस यात्रा की तस्वीरें साझा कीं।
सूत्रों के अनुसार, यह दल संभवतः दचीगाम राष्ट्रीय उद्यान की ओर गया। मुख्यमंत्री ने पहले अपने आवास पर ''सामूहिक महत्व के मुद्दों'' पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई थी। हालांकि, सूत्रों ने बताया कि विधायक जैसे ही मुख्यमंत्री आवास पहुंचे, उन्हें मिनी बसों में बैठाकर मीडिया की नजरों से दूर दचीगाम ले जाया गया। अब्दुल्ला ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''हम पिछले 19 महीनों के कामकाज की समीक्षा करने के लिए अन्यत्र बैठक पर जा रहे हैं। इसमें उपलब्धियों, कमियों और अन्य सभी पहलुओं पर चर्चा होगी।''
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श्रीनगर, जम्मू और कश्मीर: मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला अन्य विधायकों के साथ बैठक के लिए रवाना हुए। pic.twitter.com/yd2Tkxt7TE
— IANS Hindi (@IANSKhabar) June 3, 2026
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एक अन्य पोस्ट में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बैठक का स्थान अंतिम समय में नहीं बदला गया, बल्कि यह पहले से तय योजना का हिस्सा था। उन्होंने कहा, ''यह कहना गलत है कि बैठक आखिरी समय में स्थानांतरित की गई। मेरी शुरुआत से ही मंशा इसे अलग जगह पर आयोजित करने की थी और चुने गए स्थान पर सभी व्यवस्थाएं कई दिन पहले से की जा चुकी थीं।'' पार्टी के एक नेता ने बताया कि एनसी के विधायक और कुछ सांसदों को दचीगाम राष्ट्रीय उद्यान ले जाया गया है।
मुख्यमंत्री ने रविवार को विधायकों को भेजे गए निमंत्रण पत्र में कहा था कि बैठक में जनकल्याण से जुड़े मुद्दों और सामूहिक महत्व के विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। अब्दुल्ला ने अपनी पार्टी के विधायकों के अलावा सरकार को समर्थन दे रहे चार निर्दलीय विधायकों को भी बैठक में आमंत्रित किया था।