कुवैत एयरपोर्ट पर ईरानी हमले में भारतीय नागरिक की मौत; खाड़ी क्षेत्र में बढ़ा तनाव, स्ट्राइक के बाद भड़का कतर

Edited By Updated: 03 Jun, 2026 05:13 PM

kuwait says 1 killed in iranian attacks retains full right to respond

मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव ने खाड़ी क्षेत्र को एक बार फिर युद्ध के साये में ला खड़ा किया है। ईरान द्वारा कुवैत और बहरीन पर किए गए ड्रोन एवं मिसाइल हमलों के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं। इन हमलों में कुवैत...

International Desk: कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है। इस दुखद घटना की पुष्टि कुवैत स्थित भारतीय दूतावास ने की है। दूतावास ने मृतक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि वह स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है और परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। खाड़ी क्षेत्र में जारी अस्थिरता के बीच ईरान द्वारा कुवैत और बहरीन पर किए गए ड्रोन एवं मिसाइल हमलों ने पूरे क्षेत्र की चिंता बढ़ा दी है। कुवैत सरकार के अनुसार, कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के एक टर्मिनल को निशाना बनाकर किए गए हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि कई अन्य घायल हो गए। बाद में भारतीय दूतावास ने पुष्टि की कि मृतक भारतीय नागरिक था। हमले से हवाई अड्डे को भारी भौतिक नुकसान पहुंचा और कुछ समय के लिए वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन रोकना पड़ा। कई उड़ानों को अन्य हवाई अड्डों की ओर मोड़ दिया गया। सुरक्षा जांच के बाद सीमित सेवाएं दोबारा शुरू की गईं।

 

भारतीय दूतावास का बयान
भारतीय दूतावास ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वह पीड़ित परिवार के संपर्क में है और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। दूतावास कुवैती प्रशासन के साथ समन्वय कर रहा है ताकि शव को स्वदेश भेजने और अन्य औपचारिकताओं को पूरा करने में मदद की जा सके। इस घटना ने खाड़ी देशों में रह रहे लाखों भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।

 

ईरान ने दी सफाई
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि यह कार्रवाई अमेरिका के खिलाफ जवाबी हमला थी। गार्ड्स ने कहा कि ये हमले अमेरिका के लिए "सबक" होने चाहिए और क्षेत्र में उसके सैन्य हस्तक्षेप के जवाब में किए गए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यह हमला क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ईरान-अमेरिका टकराव का नया संकेत है, जिसका असर पूरे मध्य पूर्व पर पड़ सकता है।

 

कतर ने हमलों की कड़ी निंदा की
घटना के बाद कतर ने कुवैत और बहरीन पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है। कतर के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच X पर जारी बयान में कहा कि नागरिक ठिकानों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना 1949 के जिनेवा कन्वेंशनों और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के सिद्धांतों का स्पष्ट उल्लंघन है। कतर ने कहा कि नागरिकों और नागरिक प्रतिष्ठानों पर हमले किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं और इससे क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता को गंभीर खतरा पैदा होता है। दोहा ने सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की है।

 

पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट
हमलों के बाद कुवैत, बहरीन, कतर और अन्य खाड़ी देशों ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। हवाई अड्डों, तेल प्रतिष्ठानों और अन्य रणनीतिक ठिकानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि क्षेत्रीय तनाव कम नहीं हुआ तो इसका असर केवल मध्य पूर्व की सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है।

 

भारतीय समुदाय पर असर
खाड़ी देशों में लाखों भारतीय काम करते हैं और इन देशों की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। ऐसे में बढ़ते सैन्य तनाव और नागरिक ठिकानों पर हमलों ने भारतीय समुदाय के बीच चिंता बढ़ा दी है। भारतीय सरकार और उसके दूतावास लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और जरूरत पड़ने पर सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं।

 

  

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