Edited By Radhika,Updated: 17 Apr, 2026 12:18 PM

लोकसभा में शुक्रवार को विपक्षी सदस्यों ने 2023 में पारित महिला आरक्षण अधिनियम को लागू करने से पहले इसमें संशोधन संबंधी विधेयक लाने को लेकर सरकार पर निशाना साधा और स्पष्टीकरण की मांग की। सदन में आवश्यक कागजात पटल पर रखे जाने के तत्काल बाद कांग्रेस...
नेशनल डेस्क: लोकसभा में शुक्रवार को विपक्षी सदस्यों ने 2023 में पारित महिला आरक्षण अधिनियम को लागू करने से पहले इसमें संशोधन संबंधी विधेयक लाने को लेकर सरकार पर निशाना साधा और स्पष्टीकरण की मांग की। सदन में आवश्यक कागजात पटल पर रखे जाने के तत्काल बाद कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल ने बृहस्पतिवार रात करीब 10 बजे विधि मंत्रालय की ओर से जारी एक अधिसूचना का विषय उठाया। उन्होंने कहा, ''अधिनियम को अधिसूचित किए बिना मंत्री संशोधन कैसे ले आए।'' द्रमुक की कनिमोझि ने भी मूल अधिनियम को अधिसूचित करने के बाद संशोधन विधेयक पर चर्चा कराने को लेकर हैरानी जताई।
उन्होंने कहा, ''सरकार ने कल रात 10 बजे अधिनियम अधिसूचित किया है। इस पर अब चर्चा कैसे हो सकती है।'' विपक्षी सदस्यों ने लोकसभा में मौजूद कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से स्पष्टीकरण मांगा। लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था करने वाला महिला आरक्षण अधिनियम, 2023 को बृहस्पतिवार रात को अधिसूचित कर दिया गया ताकि संसद में प्रस्तावित संशोधन को क्रियान्वित किया जा सके। एक अधिकारी ने बताया कि इस कानून को लागू करना आवश्यक था, क्योंकि इसके बिना प्रस्तावित संशोधन प्रभावी नहीं हो सकता था। संविधान संशोधन विधेयक कानून तो बन गया था, लेकिन सरकार द्वारा इसे लागू नहीं किए जाने के कारण यह संविधान का हिस्सा नहीं बन पाया था।