विदेशों में बढ़ा मानसिक दबाव; गल्फ देशों में सबसे अधिक भारतीयों ने की आत्महत्या, सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े

Edited By Updated: 28 Jul, 2026 06:01 PM

over 1 900 indians died by suicide overseas in 3 years

संसद में सरकार ने बताया कि 2023 से 2025 के बीच गल्फ देशों में 1,340 भारतीयों ने आत्महत्या की, जबकि विदेशों में कुल 1,900 मामले दर्ज हुए। सबसे अधिक घटनाएं यूएई और सऊदी अरब में सामने आईं। सरकार ने प्रवासी भारतीय बीमा योजना के जरिए सुरक्षा और सहायता की...

International Desk:  विदेशों में काम और बेहतर भविष्य की तलाश में जाने वाले भारतीयों के बीच आत्महत्या के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। संसद में केंद्र सरकार द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में गल्फ देशों में 1,340 भारतीयों ने आत्महत्या की, जबकि दुनिया भर में यह संख्या 1,900 तक पहुंच गई। विदेश मंत्रालय के अनुसार, 2023 से 2025 के बीच आत्महत्या के मामलों में सबसे अधिक संख्या संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से सामने आई, जहां 511 भारतीयों ने आत्महत्या की।

अन्य देशों के आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • UAE: 511 मामले
  • सऊदी अरब: 354 मामले
  • कुवैत: 162 मामले
  • ओमान: 146 मामले
  • बहरीन: 101 मामले
  • कतर: 66 मामले

इन छह देशों में कुल 1,340 भारतीयों की आत्महत्या दर्ज की गई। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, वर्ष 2023 से 2025 के बीच विदेशों में कुल 1,900 भारतीयों ने आत्महत्या की। इनमें लगभग 70 प्रतिशत मामले केवल गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) देशों से जुड़े हैं। गल्फ देशों के अलावा  मलेशियामें 131,  अमेरिका में 62, इटली, कनाडा और ब्रिटेन में लगभग 30-30 मामले सामने आए हैं। 

 

गल्फ देशों में बसे एक करोड़ भारतीय
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में करीब एक करोड़ भारतीय गल्फ देशों में रहते और काम करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशों में काम का दबाव, मानसिक तनाव, आर्थिक समस्याएं, पारिवारिक दूरी और सामाजिक अकेलापन जैसी कई वजहें ऐसे मामलों में भूमिका निभा सकती हैं। हालांकि सरकार ने आत्महत्या के पीछे किसी एक कारण की पुष्टि नहीं की है। इससे पहले वर्ष 2022 में विदेश मंत्रालय ने बताया था कि 2014 से 2022 के बीच विदेशों में भारतीयों की आत्महत्या के 4,005 मामले दर्ज किए गए थे। नए आंकड़े बताते हैं कि यह समस्या अभी भी गंभीर बनी हुई है। सरकार ने बताया कि प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा के लिए 'प्रवासी भारतीय बीमा योजना' (Pravasi Bharatiya Bima Yojana) लागू है। इसके तहत विदेश में दुर्घटना से मृत्यु या स्थायी विकलांगता की स्थिति में 10 लाख रुपये तक का बीमा कवर मिलता है।

  • 2 वर्ष का प्रीमियम: 275 रुपए
  • 3 वर्ष का प्रीमियम: 375 रुपए
     

कार्यस्थल हादसे

सरकार ने विदेशों में अन्य कारणों से हुई मौतों के आंकड़े भी साझा किए। कार्यस्थल पर हादसों में मौत के मामले में 

  • सऊदी अरब: 182
  • यूएई: 128
  • अमेरिका: 46
  • कनाडा: 40
  • मालदीव: 13

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि विदेशों में काम कर रहे भारतीयों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य दोनों बड़े चिंता के विषय बने हुए हैं।
  

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