Edited By Pardeep,Updated: 17 Dec, 2023 07:06 AM

ओडिशा के पुरी में श्री जगन्नाथ मंदिर के गर्भगृह में शनिवार को भगवान जगन्नाथ और उनके भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा को प्रसिद्ध ‘पाहिली भोग' (ताजा कटी हुई फसलों से बना विशेष मीठा केक) चढ़ाया गया। यह चढ़ावा एक महीने तक जारी रहेगा और 14 जनवरी,2024 यानी मकर...
पुरीः ओडिशा के पुरी में श्री जगन्नाथ मंदिर के गर्भगृह में शनिवार को भगवान जगन्नाथ और उनके भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा को प्रसिद्ध ‘पाहिली भोग' (ताजा कटी हुई फसलों से बना विशेष मीठा केक) चढ़ाया गया। यह चढ़ावा एक महीने तक जारी रहेगा और 14 जनवरी,2024 यानी मकर संक्रांति के दिन समाप्त होगा।
मंदिर के कपाट आज तड़के दो बजे खोले गए और मंगल आरती, अबकाश, माइलुम, रोसहोमा और सूर्य पूजा से शुरू होने वाली दैनिक रस्में पूरी की गई। पाहिली भोग के अलावा, बड़ा ओडिया मठ द्वारा प्रदान किया गया धनु मुअन भी ट्रिनिटी को चढ़ाया गया। बड़ी संख्या में भक्त पाहिली भोग और धनु मुअन महाप्रसाद खरीदते हैं और उनका दान करते हैं।
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, द्वापर युग में, माता यशोदा ने एक महीने तक अपने बेटों बलराम और कृष्ण को ये मीठे केक परोसे थे। मंदिर में भगवान जगन्नाथ को कृष्ण और बलभद्र को बलराम मानते हुए यह अनुष्ठान किया जा रहा है। मंदिर प्रशासन ने देवताओं के दैनिक नित्यों के समय को एक महीने के लिए पुनर्निर्धारित और आगे बढ़ा दिया है।