Edited By Radhika,Updated: 12 Feb, 2026 12:09 PM

पुष्कर मेले की धूल भरी गलियों से निकलकर एक चेहरा दुनिया भर के पोस्टकार्ड्स पर छा गया। 'इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर्स' के दौर से बहुत पहले, राजस्थान की एक युवती ने अपनी रहस्यमयी आंखों से सरहदों के पार अपनी पहचान बनाई थी। आज दो दशक बाद, 'पप्पू देवी' की...
Viral news: पुष्कर मेले की धूल भरी गलियों से निकलकर एक चेहरा दुनिया भर के पोस्टकार्ड्स पर छा गया। 'इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर्स' के दौर से बहुत पहले, राजस्थान की एक युवती ने अपनी रहस्यमयी आंखों से सरहदों के पार अपनी पहचान बनाई थी। आज दो दशक बाद, 'पप्पू देवी' की वह "शेरनी जैसी आंखों" वाली तस्वीर एक बार फिर इंटरनेट पर चर्चा का विषय बनी है।
20 साल पुराना वो एक क्लिक और रातों-रात शोहरत
यह कहानी करीब 20 साल पहले शुरू हुई थी। पुष्कर की सड़कों पर सामान बेच रही एक युवती पर एक विदेशी फोटोग्राफर की नजर पड़ी। पीली-हरी चमक वाली उन आंखों ने फोटोग्राफर को ठिठकने पर मजबूर कर दिया। वह एक सहज फोटो थी, लेकिन उसकी कशिश ऐसी थी कि वह तस्वीर जल्द ही राजस्थान पर्यटन की पहचान बन गई और पोस्टकार्ड्स से लेकर टूरिस्ट शॉप्स तक हर जगह नजर आने लगी।
<
>
आज कहां और किस हाल में हैं पप्पू देवी?
अब 30 की उम्र पार कर चुकीं पप्पू देवी आज भी पुष्कर की उन्हीं गलियों में अपनी जिंदगी बिता रही हैं। वह सड़क किनारे एक छोटी सी दुकान चलाती हैं, जहाँ वह हाथ से बने बंजारा स्टाइल के बैग और स्मृति चिन्ह बेचती हैं। खास बात यह है कि उनकी दुकान पर आज भी वे पोस्टकार्ड बिकते हैं, जिन पर उनकी अपनी पुरानी तस्वीर छपी है। देवी की शादी एक सफारी ड्राइवर से हुई है और उनकी तीन बेटियां हैं। उनकी दो बेटियों को अपनी मां की तरह ही वे अद्भुत और चमकदार आंखें विरासत में मिली हैं।
क्या ये आंखें असली हैं?
अक्सर पर्यटक देवी और उनकी बेटियों की आंखों को देखकर चौंक जाते हैं। कई लोग तो यहां तक पूछ लेते हैं कि क्या उन्होंने 'कॉन्टैक्ट लेंस' पहने हैं? एक इंटरव्यू में उन्होंने साफ किया कि यह उनकी प्राकृतिक खूबसूरती है। हालांकि लोग उन्हें अक्सर 'बंजारा' समझ लेते हैं, लेकिन उन्होंने साफ किया कि वे उस समुदाय से नहीं हैं, बस अपनी आंखों की खूबसूरती और पर्यटकों की पसंद के कारण बंजारा स्टाइल के कपड़े पहनती हैं।