Edited By Pardeep,Updated: 25 Jun, 2026 12:54 AM

विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट को लेकर एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि पासपोर्ट केवल अंतरराष्ट्रीय यात्रा और पहचान के लिए एक दस्तावेज है, इसे भारतीय नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता।
नेशनल डेस्कः विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट को लेकर एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि पासपोर्ट केवल अंतरराष्ट्रीय यात्रा और पहचान के लिए एक दस्तावेज है इसे भारतीय नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता। मंत्रालय ने 'पासपोर्ट सेवा दिवस' के अवसर पर स्पष्ट किया कि हालांकि पासपोर्ट केवल भारतीय नागरिकों को ही जारी किए जाते हैं, लेकिन नागरिकता का निर्धारण संबंधित कानूनों और अन्य वैधानिक दस्तावेजों के आधार पर किया जाता है।
सेवाओं में जबरदस्त तेजी, 5 दिन में बन रहा पासपोर्ट
सरकार पासपोर्ट सेवाओं को अधिक सुलभ और तेज बनाने पर लगातार काम कर रही है। अधिकारियों के अनुसार अब कई मामलों में पासपोर्ट जारी करने का समय घटकर केवल पांच कार्यदिवस रह गया है। इसके अलावा पासपोर्ट सेवा केंद्रों पर आवेदकों की प्रक्रिया अब 45 मिनट से भी कम समय में पूरी की जा रही है।
नेटवर्क का विस्तार: अब 545 केंद्रों पर सुविधा
देशभर में पासपोर्ट सेवा केंद्रों (PSK) और डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्रों (POPSK) का जाल लगातार फैल रहा है। वर्तमान में इनकी संख्या बढ़कर 545 हो गई है। पिछले वर्ष 10 नए डाकघर केंद्र खोले गए थे और इस वर्ष भी 10 और नए केंद्र शुरू करने की योजना है। वर्ष 2025 के दौरान क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालयों और विदेशी मिशनों ने मिलकर लगभग 1.5 करोड़ लोगों को सेवाएं प्रदान कीं।
भारतीय पासपोर्ट की वैश्विक धमक
मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारतीय पासपोर्ट धारकों की वैश्विक पहुंच में सुधार हुआ है। वर्तमान में भारतीयों को:
- 27 देशों में वीजा-फ्री प्रवेश की सुविधा है।
- 47 देशों में 'वीजा ऑन अराइवल' मिलता है।
- 66 देशों में ई-वीजा की सुविधा उपलब्ध है।
सुरक्षा के लिए 1.47 करोड़ ई-पासपोर्ट जारी
दस्तावेजों की सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए सरकार अब चिप-युक्त ई-पासपोर्ट पर जोर दे रही है। मंत्रालय अब तक 1.47 करोड़ ऐसे पासपोर्ट जारी कर चुका है जिनमें उन्नत बायोमेट्रिक सुरक्षा तकनीक का उपयोग किया गया है।
अभी भी केवल 10% भारतीयों के पास पासपोर्ट
विस्तार और सुधारों के बावजूद, देश की कुल आबादी का एक बड़ा हिस्सा अभी भी इस सेवा से दूर है। मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में केवल 10 प्रतिशत भारतीयों के पास ही पासपोर्ट उपलब्ध है।