Edited By Radhika,Updated: 11 Jul, 2026 01:09 PM

IEA यानि की अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने एक नई रिपोर्ट जारी चेतावनी दी है। इसके अनुसार अगर अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा ये भू- राजनीतिक तनाव किसी बड़ी लड़ाई में बदलता है तो इससे दुनियाभर में कच्चे तेल की सप्लाई पर असर होगा। इसके चलते पेट्रोल और...
Petrol- diesel Price Hike: IEA यानि की अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने एक नई रिपोर्ट जारी चेतावनी दी है। इसके अनुसार अगर अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा ये भू- राजनीतिक तनाव किसी बड़ी लड़ाई में बदलता है तो इससे दुनियाभर में कच्चे तेल की सप्लाई पर असर होगा। इसके चलते पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। IEA के अनुसार, हालांकि वैश्विक तेल बाजार वर्तमान में धीरे-धीरे स्थिरता की ओर बढ़ रहा है, लेकिन पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में अचानक पैदा होने वाला तनाव इस सुधार को झटके में खत्म कर सकता है।
Strait of Hormuz को लेकर जताई गई चिंता
रिपोर्ट में सबसे बड़ी चिंता हॉर्मुज स्ट्रेट को लेकर जताई गई है। अगर तनाव के कारण यह बंद होता है तो इससे रोजाना की तकरीबन 1.4 करोड़ बैरल कच्चे तेल की सप्लाई रुक जाएगी। इसके चलते इंटरनेशनल मार्केट में ईंधन की भारी कमीं पैदा होगी, जिसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराया महंगाई का खतरा
जानकारी के लिए बता दें कि पश्चिम एशिया कच्चे तेल का सबसे बड़ा सप्लायर है। यदि यहां पर कोई सैन्य गतिरोध होता है तो इसका सीधा असर ग्लोबल इकॉनामी पर होगा। यदि तेल की कीमतें बढती हैं तो इससे आम आदमी की जेब और घरेलू बजट पर असर होगा। इसके अलावा हर जरुरी चीज महंगी हो जाएगी। वहीं ATF और रसोई गैस की कीमतों में भी तेजी आएगी।
फिलहाल राहत, लेकिन जोखिम बरकरार
IEA ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में बाजार में कच्चे तेल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सप्लाई चेन सुचारू रूप से काम कर रही है। लेकिन बाजार बेहद संवेदनशील मोड़ पर है।