Edited By Anu Malhotra,Updated: 16 Mar, 2026 08:25 AM

Petrol Diesel Price Hike: मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में बढ़ते तनाव और युद्ध की स्थितियों का सीधा असर अब भारत के पड़ोसी देश नेपाल की अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच गहराते संघर्ष के कारण वैश्विक Oil supply chain प्रभावित होने...
Petrol Diesel Price Hike: मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में बढ़ते तनाव और युद्ध की स्थितियों का सीधा असर अब भारत के पड़ोसी देश नेपाल की अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच गहराते संघर्ष के कारण वैश्विक Oil supply chain प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है, जिसके चलते नेपाल में ईंधन की कीमतों में भारी उछाल आया है। नेपाल सरकार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में एक साथ बड़ी बढ़ोतरी करने का फैसला किया है।
मिडल ईस्ट संकट और नेपाल में बढ़ती कीमतें
नेपाल ऑयल निगम की रविवार देर रात हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में अंतरराष्ट्रीय बाजार के हालातों की समीक्षा की गई। बैठक के बाद निगम ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट, जो तेल परिवहन के लिए दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, वहां बढ़ते तनाव के कारण भविष्य में तेल संकट खड़ा हो सकता है। इसी आपूर्ति बाधा और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को आधार बनाकर नेपाल सरकार ने तत्काल प्रभाव से नई दरें लागू कर दी हैं। सरकार का तर्क है कि कीमतों में वृद्धि से लोग ईंधन का इस्तेमाल सावधानी से करेंगे, जिससे संभावित संकट के समय स्टॉक को बनाए रखने में मदद मिलेगी।
पेट्रोल, डीजल और गैस के नए दाम
इस ताजा फैसले के बाद नेपाल में आम जनता की जेब पर भारी बोझ पड़ा है। पेट्रोल की कीमत में 31 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया है, जिससे अब यह 188 रुपये प्रति लीटर के भाव पर मिलेगा। डीजल की कीमतों में सबसे बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है, जहां इसके दाम 54 रुपये प्रति लीटर बढ़ाकर 196 रुपये कर दिए गए हैं। केवल वाहनों का ईंधन ही नहीं, बल्कि रसोई का बजट भी बिगड़ गया है क्योंकि LPG Gas सिलेंडर के दाम में 296 रुपये की वृद्धि की गई है, जिससे अब एक सिलेंडर 2126 रुपये का हो गया है। ये सभी नई दरें रविवार रात 12 बजे से पूरे देश में प्रभावी हो चुकी हैं।
आईओसी का आभार और भविष्य की चिंता
कच्चे तेल की सप्लाई में आ रही दिक्कतों के बावजूद नेपाल ऑयल निगम ने भारतीय तेल निगम (IOC) के प्रति आभार व्यक्त किया है, जो नेपाल को पेट्रोलियम पदार्थों की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित कर रहा है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मंच पर ईरान के खिलाफ कड़े फैसलों और होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षा गठबंधन की आहट ने बाजार में खलबली मचा दी है। "Fuel Oil" यानी कच्चे तेल के अवशेषों को लेकर भी नई चिंताएं पैदा हो रही हैं, जो आने वाले दिनों में ऊर्जा संकट को और जटिल बना सकती हैं। वर्तमान में नेपाल सरकार का मुख्य उद्देश्य सप्लाई चेन को टूटने से बचाना और अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता के बीच देश की ऊर्जा जरूरतों को प्रबंधित करना है।