Edited By Tanuja,Updated: 20 Apr, 2026 03:45 PM

बांग्लादेश में ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी के बाद संकट गहरा गया है। ढाका सहित कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं। सरकार ने वैश्विक तेल कीमतों को कारण बताया, लेकिन जनता में नाराजगी बढ़ रही है और दैनिक जीवन पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।
International Desk: बांग्लादेश में ईंधन की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी के बाद हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं। राजधानी Dhaka समेत कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं। लोग घंटों इंतजार कर रहे हैं, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी पर असर पड़ रहा है। सरकार ने 18 अप्रैल को नई कीमतों का ऐलान किया था। इसके तहत डीजल, पेट्रोल, ऑक्टेन और केरोसिन की कीमतों में 15 से 20 टका प्रति लीटर तक बढ़ोतरी की गई। नई दरें रविवार रात से लागू हो गईं। ईंधन भरवाने के लिए लोगों को घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है।
इससे खासकर कैब और राइड-शेयरिंग ड्राइवर, बस-ऑटो चालक और छोटे व्यापारी सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। एक ड्राइवर ने बताया कि पहले वह दिन में 12-14 ट्रिप करता था, लेकिन अब 2-3 घंटे लाइन में लगने के कारण उसकी कमाई करीब 30% तक घट गई है। स्कूल टीचर और नौकरीपेशा लोग भी परेशान हैं। उन्हें अपने रोज के काम की योजना बनाना मुश्किल हो गया है, क्योंकि यह तय नहीं होता कि ईंधन भरवाने में कितना समय लगेगा। सरकार का कहना है कि देश में ईंधन की कोई बड़ी कमी नहीं है।
बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (Bangladesh Petroleum Corporation) के एक अधिकारी के अनुसार मांग अचानक बढ़ गई है और सप्लाई में लॉजिस्टिक्स के कारण थोड़ी दिक्कत है। ऊर्जा मंत्री इक़बाल हसन महमूद तुकु (Iqbal Hassan Mahmood Tuku) ने स्थिति को “जंग जैसे हालात” बताया और कहा कि वैश्विक बाजार के कारण कीमतें बढ़ानी पड़ीं। उपभोक्ता संगठनों का कहना है कि सरकार ने भरोसा तोड़ा है। पहले कहा गया था कि महीने के बीच में कीमतें नहीं बढ़ेंगी, लेकिन अचानक फैसले से लोगों में नाराजगी बढ़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सप्लाई सिस्टम नहीं सुधरा, तो संकट जारी रह सकता है।