Edited By Tanuja,Updated: 23 Apr, 2026 05:33 PM

नेपाल की राजधानी काठमांडू दुनिया का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर बन गया है, जहां AQI 247 दर्ज किया गया। यह स्तर बेहद खतरनाक है और स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकता है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि प्रदूषण से मौतें और बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं।
International Desk: नेपाल की राजधानी काठमांडू में पिछले 24 घंटों में वायु गुणवत्ता तेजी से खराब हुई है। IQAir के अनुसार, यह शहर दुनिया का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर बन गया है। यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 247 दर्ज किया गया, जो “बहुत अस्वस्थ” श्रेणी में आता है। इस सूची में Lahore पहले स्थान पर है, जहां AQI 381 दर्ज किया गया, जो बेहद खतरनाक स्तर माना जाता है। AQI 200 से ऊपर होने का मतलब है कि हवा बहुत खराब है और इससे आम लोगों के साथ-साथ संवेदनशील वर्गों को गंभीर स्वास्थ्य जोखिम हो सकता है। 300 से ऊपर का स्तर तो “खतरनाक” माना जाता है।
प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण PM2.5 कण हैं, जो बहुत छोटे होते हैं और सीधे फेफड़ों और खून तक पहुंच सकते हैं। ये लंबे समय तक हवा में बने रहते हैं, जिससे लोगों के बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है। Nepal में प्रदूषण की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। उद्योगों का धुआं, वाहनों का प्रदूषण, घरों से निकलने वाला धुआं और कचरे को जलाना इसके मुख्य कारण हैं। खराब हालत वाले वाहन भी प्रदूषण बढ़ा रहे हैं। नेपाल के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, वायु प्रदूषण के कारण हर साल करीब 42,000 लोगों की मौत होती है। इनमें 19% बच्चे (5 साल से कम उम्र) और 27% बुजुर्ग (70 साल से अधिक) शामिल हैं। इससे लोगों की औसत आयु पर भी असर पड़ा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक ऐसे प्रदूषण में रहने से सांस की बीमारियां, दिल की समस्या और अन्य गंभीर रोग बढ़ सकते हैं। बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग सबसे ज्यादा खतरे में हैं। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे बाहर कम निकलें, मास्क पहनें और सावधानी बरतें। लेकिन पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए सख्त नियम, बेहतर ट्रैफिक सिस्टम और साफ ऊर्जा के उपाय जरूरी हैं।