Edited By Rohini Oberoi,Updated: 24 Jun, 2026 08:42 AM

घरेलू बाजार में सरकारी तेल कंपनियों ने आज बुधवार (24 जून 2026) के लिए पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी कर दी हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव का दौर जारी है लेकिन भारतीय तेल कंपनियों ने आज भी आम जनता को राहत न...
24 June Petrol-Diesel Price : घरेलू बाजार में सरकारी तेल कंपनियों ने आज बुधवार (24 जून 2026) के लिए पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी कर दी हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव का दौर जारी है लेकिन भारतीय तेल कंपनियों ने आज भी आम जनता को राहत न देते हुए कीमतों को स्थिर रखा है। हालांकि पिछले महीने ईंधन के दामों में हुई कई बार की बढ़ोतरी का बोझ आम उपभोक्ताओं की जेब पर साफ देखा जा सकता है। ऐसे में वाहन लेकर घर से निकलने या टैंक फुल कराने से पहले अपने शहर के ताज़ा रेट जरूर चेक कर लें।
देश के प्रमुख शहरों में आज का भाव
भारत के अलग-अलग राज्यों में वैट (VAT) और स्थानीय टैक्स की दरें अलग होने के कारण हर शहर में पेट्रोल-डीजल की कीमतें अलग-अलग होती हैं। बुधवार सुबह कंपनियों द्वारा जारी रेट इस प्रकार हैं:

शहर, पेट्रोल का रेट (₹/लीटर), डीजल का रेट (₹/लीटर)
दिल्ली (Delhi), 102.12, 95.20
कोलकाता (Kolkata), 113.51, 99.82
मुंबई (Mumbai), 111.21, 97.83
चेन्नई (Chennai), 107.77, 99.55
नोएडा (Noida), 102.12, 97.56

चंडीगढ़ (Chandigarh), 101.51, 89.47
लखनऊ (Lucknow), 101.89, 95.36
पटना (Patna), 113.37, 99.36
रांची (Ranchi), 105.26, 100.49
भोपाल (Bhopal), 114.57, 99.64
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टैक्स के गणित की वजह से बिहार और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं। आंध्र प्रदेश में पेट्रोल की कीमत ₹117 प्रति लीटर के भी पार चली गई है। वहीं बिहार की राजधानी पटना में भी पेट्रोल ₹113.37 और भोपाल में ₹114.57 प्रति लीटर बिक रहा है। पूर्वोत्तर के राज्य अरुणाचल प्रदेश में टैक्स कम होने की वजह से देश के अन्य हिस्सों के मुकाबले पेट्रोल थोड़ा किफायती बना हुआ है।

जानें क्या आने वाले दिनों में सस्ता होगा तेल?
वैश्विक बाजार में पिछले कुछ दिनों से कच्चे तेल की कीमतों में मामूली नरमी (गिरावट) देखी गई है। इसके बावजूद घरेलू बाजार में कटौती न होने पर तेल कंपनियों का कहना है कि उन्हें पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई भारी तेजी के कारण हुए पुराने नुकसान की भरपाई करनी है। विशेषज्ञों के मुताबिक अगर आने वाले हफ्तों में कच्चा तेल लगातार और लंबे समय तक नीचे बना रहता है तभी तेल कंपनियां आम ग्राहकों को इसका फायदा ट्रांसफर करेंगी।