Edited By Pardeep,Updated: 13 May, 2026 06:47 AM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकारी फिजूलखर्ची को रोकने और सादगी की मिसाल पेश करने की दिशा में एक बड़ा और अहम कदम उठाया है।
नेशनल डेस्कः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकारी फिजूलखर्ची को रोकने और सादगी की मिसाल पेश करने की दिशा में एक बड़ा और अहम कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर उनके आधिकारिक काफिले को अब छोटा कर दिया गया है। प्रधानमंत्री ने अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उनके काफिले में शामिल कारों की संख्या को 50 प्रतिशत तक कम किया जाए।
सुरक्षा से समझौता नहीं, पर खर्च में भारी बचत
प्रधानमंत्री के इन निर्देशों पर एसपीजी ने अमल करना शुरू कर दिया है। हाल ही में दिल्ली से बाहर पीएम मोदी के दौरों में उनका काफिला पहले की तुलना में काफी छोटा नजर आया है। हालांकि, इस दौरान यह विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि सुरक्षा से जुड़े 'ब्लू बुक' के अनिवार्य दिशानिर्देशों के साथ कोई समझौता न हो। पीएम मोदी का यह कदम सरकार के अन्य विभागों और मंत्रियों के लिए एक बड़े संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
बिना नया खर्च किए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा
पीएम मोदी ने अपने सुरक्षा बेड़े में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की भी इच्छा जताई है। महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्होंने स्पष्ट किया है कि इसके लिए कोई भी नई गाड़ी नहीं खरीदी जाएगी, ताकि किसी भी तरह के अतिरिक्त सरकारी खर्च से बचा जा सके। मौजूदा संसाधनों के जरिए ही पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत का संदेश दिया जाएगा।
हैदराबाद की अपील और सादगी का संकल्प
प्रधानमंत्री की यह पहल उनके उस संबोधन के बाद आई है, जिसमें उन्होंने रविवार को हैदराबाद दौरे के दौरान आम जनता से ईंधन और सोने की खपत कम करने की अपील की थी। खुद आगे बढ़कर अपने काफिले में कटौती कर उन्होंने पूरी सरकार को इशारा कर दिया है कि वे भी जल्द से जल्द सादगी की दिशा में काम करना शुरू करें।
सरकारी दफ्तरों में अब नहीं होंगी शाही दावतें
आने वाले दिनों में सरकारी मंत्रालयों और विभागों में खर्च कम करने के लिए कई कड़े कदम उठाए जाने के संकेत मिल रहे हैं:
- मेट्रो का सफर: सरकारी कर्मचारियों को आवाजाही के लिए ज्यादा से ज्यादा मेट्रो का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
- कारपूलिंग: दफ्तर आने-जाने के लिए अधिकारियों को कारपूलिंग का विकल्प चुनने पर जोर दिया जाएगा।
- भोज पर रोक: मंत्रालयों में होने वाले बड़े और खर्चीले भोज (Banquets) के आयोजनों से अब परहेज किया जाएगा।