Edited By Radhika,Updated: 11 May, 2026 10:02 AM

PM मोदी ने देशवासियों से बीते दिन ट्रोल, डीजल और रसोई गैस का उपयोग बेहद सावधानी और समझदारी से करने की अपील की है। दरअसल ग्लोबल लेवल पर ऊर्जा की बढ़ती कीमतों और कच्चे तेल की सप्लाई में आ रही दिक्कतों के बीच पीएम ने WFH की बात कही है। देश की इकॉनामी...
PM Modi WFH Model: PM मोदी ने देशवासियों से बीते दिन ट्रोल, डीजल और रसोई गैस का उपयोग बेहद सावधानी और समझदारी से करने की अपील की है। दरअसल ग्लोबल लेवल पर ऊर्जा की बढ़ती कीमतों और कच्चे तेल की सप्लाई में आ रही दिक्कतों के बीच पीएम ने WFH की बात कही है। देश की इकॉनामी को मजबूती देने के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' के विचार को फिर से चर्चा में लाया गया है। उन्होंने कहा कि उर्जा की बचत के लिए कोरोना टाइम की तरह इस समय भी 'वर्क फ्रॉम होम' अपनाया जाना चाहिए।
पीएम मोदी के अनुसार:
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जहाँ भी संभव हो, निजी और सरकारी संस्थान फिर से Work From Home विकल्प पर विचार करें।
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इससे सड़कों पर गाड़ियों की आवाजाही कम होगी और ईंधन की भारी बचत होगी।
पर्यावरण नहीं, अब 'इकॉनमी' की बात
पीएम मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि अब बात केवल पर्यावरण से ही नहीं ने साफ शब्दों में कहा कि अब ईंधन बचाना केवल पर्यावरण संरक्षण का मुद्दा नहीं रह गया है। यह सीधे तौर पर भारत की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा है।
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विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve): भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए विदेशों से तेल आयात करता है। ईंधन की कम खपत से विदेशी मुद्रा की बचत होगी।
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वैश्विक संकट का असर: दुनिया भर में ऊर्जा की कीमतें बढ़ रही हैं। ऐसे में कम खपत ही मध्यम वर्ग और देश की अर्थव्यवस्था को महंगाई के झटके से बचा सकती है।
क्या होने वाला है कोई बड़ा फैसला?
पीएम मोदी के इस बयान के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या सरकार आने वाले दिनों में कॉर्पोरेट जगत के लिए कोई नई गाइडलाइन जारी कर सकती है? हालांकि अभी यह केवल एक अपील है, लेकिन इसका संदेश स्पष्ट है- ऊर्जा की बचत ही भविष्य की कमाई है।