Edited By Mehak,Updated: 20 Feb, 2026 01:09 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अरुणाचल प्रदेश के स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री Pema Khandu को पत्र लिखकर राज्य की भौगोलिक विशेषता, जनजातीय विविधता और विकास में योगदान की सराहना की। मोदी ने सड़क, हवाई अड्डा और सुरंग जैसी कनेक्टिविटी परियोजनाओं, ज्ञान...
नेशनल डेस्क : प्रधानमंत्री मोदी ने अरुणाचल प्रदेश के स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री पेमा खांडू को पत्र लिखा नयी दिल्ली, 20 फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को अरुणाचल प्रदेश के स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पेमा खांडू को पत्र लिखकर कहा कि अपनी भौगोलिक स्थिति के अनुरूप नाम वाला अरुणाचल प्रदेश देश का वह राज्य है जहां सूर्य सबसे पहले उगता है। मोदी ने कहा कि यह बिल्कुल उचित है कि वह भूमि जो शेष भारत से पहले सूर्योदय का स्वागत करती है, वह भी असीम देशभक्ति और उत्साह से भरी हो।
उन्होंने पत्र में कहा, ''अरुणाचल प्रदेश के बारे में जो बात मुझे हमेशा से आश्चर्यचकित करती रही है, वह है लोगों का एक-दूसरे को 'जय हिंद' कहकर अभिवादन करने की परंपरा। मेरे लिए, यह राष्ट्रीय गौरव और एकता की जीवंत पुष्टि है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश विभिन्न जीवंत जनजातीय समुदायों का घर है और इनमें से प्रत्येक समुदाय की अपनी अनूठी एवं प्रेरक परंपराएं और जीवन मूल्य हैं। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों का सतत विकास के प्रति जुनून हमेशा उन्हें प्रभावित करता रहा है। उन्होंने कहा, ''यह बात लोगों के विभिन्न व्यक्तिगत और सामुदायिक प्रयासों में देखी जा सकती है। मुझे अरुणाचल प्रदेश की बार-बार यात्रा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। हर बार जब मैं आता हूं, तो लोगों का स्नेह अतुलनीय होता है।'' मोदी ने कहा कि जीएसटी (माल एवं सेवा कर) 'बचत उत्सव' का आरंभ ईटानगर से हुआ था और उस समय उन्हें राज्य भर के स्वयं सहायता समूहों एवं व्यापारियों के साथ बातचीत करने का अवसर मिला था। उन्होंने कहा, ''उनकी नवाचार की भावना ने मुझे बहुत प्रभावित किया। मैं राज्य के उत्पादों के प्रति उनके जुनून को महसूस कर सकता था, चाहे वह चावल हो, अचार हो, चाय हो, हस्तशिल्प हो, कालीन हो, मिठाई हो या कुछ और। मैं यह देखकर हैरान था कि लोग तकनीकी रूप से कितने आगे हैं।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नेतृत्व वाली सरकार ने पूरे पूर्वोत्तर की प्रगति के लिए अभूतपूर्व संसाधन समर्पित किए हैं और अरुणाचल प्रदेश के लोग उस समय रोमांचित हुए जब इस धरती के गौरवशाली सपूत किरेन रीजीजू राज्य से पहले केंद्रीय कैबिनेट मंत्री बने। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में अरुणाचल प्रदेश में मंत्रियों के दौरों की संख्या किसी भी पिछली सरकार के दौरों से अधिक रही है। मोदी ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी है कि लोगों को परेशान करने वाली चीजों में से एक 'उचित कनेक्टिविटी का अभाव' है।
उन्होंने कहा, ''हमारी सरकार ने इस समस्या के समाधान के लिए दिन-रात काम किया। पिछले दशक में हजारों किलोमीटर सड़कें बनाई गई हैं, जिनमें से कई बेहद सुदूरवर्ती इलाकों में हैं।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में डोनी पोलो हवाई अड्डे और सेला सुरंग जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला रखना और समय पर उन्हें पूरा करना, सर्वांगीण कनेक्टिविटी के प्रति प्रतिबद्धता की झलक देता है। उन्होंने कहा कि एक और मुद्दा यह है कि अरुणाचल प्रदेश के कई गांव सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थित हैं और पारंपरिक सोच के अनुसार उन्हें ''अंतिम गांव'' माना जाता है, मानो वे किसी अंतिम सीमा पर स्थित हों। उन्होंने कहा, ''मैं इस सोच से सहमत नहीं था। मेरे लिए सीमावर्ती गांव ही पहले गांव हैं और इसी सोच के साथ हमने 'जीवंत ग्राम कार्यक्रम' शुरू किया।'' उन्होंने कहा कि इससे अरुणाचल प्रदेश को बहुत लाभ हुआ है। मोदी ने 'ज्ञान भारतम मिशन' के तहत तवांग, पश्चिम कामेंग, शि-योमी, ऊपरी सियांग और नामसाई जैसे जिलों में दुर्लभ पांडुलिपियों के दस्तावेजीकरण और डिजिटलीकरण के लिए किए जा रहे कार्यों पर भी प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि इससे राज्य की समृद्ध बौद्धिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण में काफी मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक पर्यटक अरुणाचल प्रदेश आएं और इसकी सुंदरता का आनंद लें। उन्होंने राष्ट्र की प्रगति में राज्य के लोगों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा, ''देश की सीमाओं पर सेवारत वीर सैनिकों से लेकर कुशल खिलाड़ियों, कलाकारों, उद्यमियों और सरकारी कर्मचारियों तक, अरुणाचल प्रदेश के बेटे-बेटियों ने भारत के विकास और सुरक्षा में अमूल्य योगदान दिया है।'' मोदी ने खांडू के पिता दिवंगत दोरजी खांडू को याद करते हुए कहा कि दोरजी खांडू मुख्यमंत्री के रूप में सहयोगी रहे थे और दिल्ली में मुख्यमंत्रियों की बैठकों के दौरान एक-दूसरे से बातचीत करते थे। उन्होंने कहा, ''निश्चित तौर पर लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के आपके प्रयासों पर उन्हें गर्व होता। अरुणाचल प्रदेश को हर सुबह आशीर्वाद देने वाली सूर्य की पहली किरण नयी पीढ़ियों के लिए आशा, प्रगति और अटूट देशभक्ति का प्रतीक बनी रहे, यही कामना है।'' मोदी ने कहा, ''राज्य को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने के आपके निरंतर प्रयासों के लिए मेरी शुभकामनाएं। राज्य स्थापना दिवस पर एक बार फिर हार्दिक शुभकामनाएं।''