Edited By jyoti choudhary,Updated: 19 Feb, 2026 03:32 PM

सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को शेयर बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। मजबूत शुरुआत के बाद अचानक बिकवाली हावी हो गई और बाजार के प्रमुख सूचकांक बुरी तरह फिसल गए। कारोबार के दौरान BSE Sensex 1155 अंकों से ज्यादा टूट कर 83,000 के अहम स्तर...
बिजनेस डेस्कः सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को शेयर बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। मजबूत शुरुआत के बाद अचानक बिकवाली हावी हो गई और बाजार के प्रमुख सूचकांक बुरी तरह फिसल गए। कारोबार के दौरान BSE Sensex 1448 अंकों से ज्यादा टूट कर 83,000 के अहम स्तर के नीचे आ गया। वहीं, निफ्टी में 421 अंक की गिरावट आई।
कोराबर बंद होने पर सेंसेक्स 1236.11 अंक लुढ़क कर 82,498.14 के स्तर पर बंद हुआ। Nifty 365.00 अंक गिरकर 25,454.35 के लेवल पर आ गया।
गिरावट के तीन बड़े कारण
1. मुनाफावसूली का दबाव
पिछले तीन सत्रों से बाजार में जारी तेजी के बाद निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे सूचकांकों पर दबाव बढ़ा।
2. IT शेयरों में विदेशी बिकवाली
आईटी सेक्टर पर एआई से जुड़ी अनिश्चितताओं का असर बना हुआ है। NSDL के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने इस महीने के शुरुआती 15 दिनों में आईटी शेयरों में 10,956 करोड़ रुपये की बिकवाली की है। उनकी होल्डिंग में करीब 16% की गिरावट दर्ज की गई।
3. US-Iran तनाव और कच्चे तेल में उछाल
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों की चिंता बढ़ा दी है। इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी दिखा। Brent Crude में 1% से ज्यादा की तेजी आई और कीमत 71 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। तेल की बढ़ती कीमतें आयातक देशों जैसे भारत के लिए चिंता का विषय हैं।
किन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट?
लार्जकैप शेयरों में लगभग सभी कंपनियां लाल निशान में रहीं।
- Trent – 3% से ज्यादा गिरावट
- InterGlobe Aviation – करीब 2.6% फिसला
- Mahindra & Mahindra – 2% से अधिक कमजोरी
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी भारी दबाव दिखा
- Persistent Systems – 4% से ज्यादा गिरावट
- One 97 Communications – 3% से अधिक टूटा
- Hindustan Petroleum – 3% से ज्यादा गिरावट
- Dixon Technologies – करीब 2.5% कमजोर
स्मॉलकैप शेयरों में भी 3-4% तक की गिरावट दर्ज की गई।