'ये लोग मार डालेंगे...' अस्पताल में चीखती रही प्रेग्नेंट महिला, डिलीवरी के दौरान जच्चा-बच्चा दोनों की मौ'त

Edited By Updated: 29 Aug, 2026 05:54 AM

pregnant woman screams in hospital

मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां के संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती हुई एक गर्भवती महिला और उसके नवजात बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

रीवा : मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां के संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती हुई एक गर्भवती महिला और उसके नवजात बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मौत से ठीक पहले महिला डिलीवरी वार्ड से रोते हुए बाहर आई थी और उसने अपने पिता से मदद की गुहार लगाई थी।

"पापा मुझे बचा लो, ये लोग मुझे मार डालेंगे..."

मृतक महिला की पहचान बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के हटवा ग्राम निवासी कल्पना मिश्रा के रूप में हुई है। कल्पना को लेबर पेन होने के बाद बीते 25 अगस्त की रात अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चश्मदीदों के अनुसार, ऑपरेशन थिएटर में जाने से ठीक पहले कल्पना रोते हुए डिलीवरी वार्ड से बाहर भागी। उसने वहां मौजूद अपने पिता का हाथ पकड़कर रोते हुए कहा, ‘पापा मुझे बचा लो, ये लोग मुझे मार डालेंगे।’ इसके कुछ ही देर बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन के जरिए डिलीवरी तो कराई, लेकिन मां और बच्चे दोनों की जान चली गई।

परिजनों का गंभीर आरोप: मांगी गई थी 30 हजार की रिश्वत

कल्पना की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सों ने डिलीवरी कराने के नाम पर 30 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि रिश्वत न देने पर उनसे कहा गया, "इसे यहां से लेकर जाओ, इसके पास कुछ नहीं है।"

एनेस्थीसिया के ओवरडोज की आशंका

अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार, 26 अगस्त की रात करीब 8:30 बजे ऑपरेशन के जरिए महिला की डिलीवरी कराई गई थी। ऑपरेशन के बाद बच्चे का जन्म हुआ, लेकिन कुछ ही देर बाद जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने कल्पना को एनेस्थीसिया का ओवरडोज दे दिया था, जिसके चलते उसे होश ही नहीं आया और उसकी जान चली गई। हालांकि, डॉक्टरों की लापरवाही और मौत के सही कारणों का खुलासा जिला अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा की जाने वाली पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।

अस्पताल में 4 घंटे तक भारी हंगामा, 2 ड्यूटी नर्सें सस्पेंड

इस दर्दनाक हादसे के बाद परिजनों का गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने दोषी डॉक्टरों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग को लेकर अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। करीब चार घंटे तक चले इस हंगामे के बाद अस्पताल के डीन डॉक्टर सुनील अग्रवाल और अस्पताल अधीक्षक राहुल मिश्रा मौके पर पहुंचे।

प्रशासनिक अधिकारियों और पीड़ित परिजनों के बीच बंद कमरे में लगभग दो घंटे तक बैठक चली। प्रशासन द्वारा निष्पक्ष कार्रवाई का ठोस भरोसा मिलने के बाद ही हंगामा शांत हुआ। अस्पताल प्रशासन ने प्रथम दृष्टया लापरवाही मानते हुए ड्यूटी पर तैनात दो नर्सों को तुरंत निलंबित कर दिया है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर दिया है।

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!