Edited By Rahul Rana,Updated: 22 Aug, 2026 07:03 PM

नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की अदालत पाकिस्तान में मौजूद लश्कर-ए-तैयबा के मुखिया हाफ़िज़ सईद को समन भेजेगी।
नई दिल्ली: नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की अदालत पाकिस्तान में मौजूद लश्कर-ए-तैयबा के मुखिया हाफ़िज़ सईद को समन भेजेगी। सईद को पहलगाम आतंकी हमले के मामले में आरोपी बनाया गया है। ट्रायल के लिए जम्मू में NIA की स्पेशल कोर्ट में पेश होने का निर्देश देने वाला यह समन विदेश मंत्रालय के ज़रिए भेजा जाएगा। अदालत पहले ही सईद के ख़िलाफ़ ग़ैर-ज़मानती वारंट जारी कर चुकी है। NIA ने उस पर अप्रैल 2025 के हमले के मास्टरमाइंड में से एक होने का आरोप लगाया है, जिसमें 25 पर्यटक और एक स्थानीय निवासी मारे गए थे।
कानूनी प्रक्रिया के लिए तैयार भारत
नियम के अनुसार अगर ज़रूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद हाफिज सईद पेश नहीं होता है, तो अदालत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 356 के तहत उसकी गैर-मौजूदगी में उस पर मुकदमा चला सकती है। यह प्रावधान अदालत को ऐसे घोषित अपराधी के खिलाफ जांच या मुकदमा चलाने और फैसला सुनाने की इजाज़त देता है जो कानूनी कार्यवाही से बचने के लिए भाग गया हो और जिसके जल्द गिरफ्तार होने की कोई उम्मीद न हो।
हाफ़िज़ सईद का नाम सप्लीमेंट्री चार्जशीट में शामिल
NIA ने जुलाई में दायर एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट में सईद का नाम शामिल किया। इसमें उसे व्यक्तिगत तौर पर और प्रतिबंधित संगठन LeT तथा उसके प्रॉक्सी संगठन 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' के प्रमुख के तौर पर आरोपी बनाया गया है। सईद पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 और गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों में भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ना और हमला करने के लिए पाकिस्तान से साजिश रचना शामिल है। यह सप्लीमेंट्री चार्जशीट NIA की मूल 1,597 पन्नों की चार्जशीट के बाद दाखिल की गई थी।