Edited By Anu Malhotra,Updated: 19 Sep, 2026 07:19 AM

पुणे के एक 46 वर्षीय कपड़ा/लॉन्ड्री कारोबारी ने अपने घर में झूठ बोला कि वह एक ज़रूरी काम से बिज़नेस ट्रिप पर विदेश जा रहा है। असल में, उसकी प्लानिंग अपनी एक महिला फ्रेंड के साथ 14 सितंबर को कुआलालंपुर (मलेशिया) घूमने जाने की थी। लेकिन मुंबई के...
पुणे: पुणे के एक 46 वर्षीय कपड़ा/लॉन्ड्री कारोबारी ने अपने घर में झूठ बोला कि वह एक ज़रूरी काम से बिज़नेस ट्रिप पर विदेश जा रहा है। असल में, उसकी प्लानिंग अपनी एक महिला फ्रेंड के साथ 14 सितंबर को कुआलालंपुर (मलेशिया) घूमने जाने की थी। लेकिन मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उसकी सारी प्लानिंग खराब हो गई।
एयरपोर्ट पर क्या हुआ?
जब दोनों एयरपोर्ट पहुंचे, तो इमीग्रेशन जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि महिला मित्र जिस पासपोर्ट पर यात्रा कर रही थी, उसे उसने पहले ही 'खोया हुआ' (Lost Passport) घोषित कर रखा था। पुराने रद्द हो चुके पासपोर्ट पर यात्रा करने के कारण इमीग्रेशन विभाग ने महिला को रोक लिया और पूछताछ शुरू कर दी।
व्यापारी को डर सताने लगा कि अगर इमीग्रेशन का मामला बढ़ा तो उसकी पत्नी को उसकी महिला मित्र के बारे में पता चल जाएगा। इस डर से बचने के लिए उसने अपना फ्लाइट टिकट रद्द कराया और अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया। एयरपोर्ट छोड़ने से पहले उसने एक लैंडलाइन फोन से अपनी पत्नी को कॉल किया और झूठ कहा, "इमीग्रेशन में कुछ समस्या आ गई है, इसलिए अधिकारियों ने मेरा मोबाइल जमा करवा लिया है।" इसके बाद वह अपनी महिला मित्र के साथ मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) चला गया।
अगले दिन, उसने WhatsApp वीडियो कॉल के ज़रिए अपनी पत्नी से बात की और वही इमीग्रेशन वाली कहानी दोहराई। इसके बाद उसका फोन पूरी तरह से बंद (Unreachable) हो गया। पति से कोई संपर्क न होने और उसके मुसीबत में होने की आशंका से घबराकर पत्नी मुंबई के सहार पुलिस स्टेशन पहुंची। उसने पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण की FIR दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी।
जब बुधवार रात व्यापारी को पता चला कि पुलिस ने उसके गायब होने पर अपहरण का केस दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश की जा रही है, तो वह घबरा गया। वह खुद सीधे सहार पुलिस स्टेशन पहुंचा और पुलिस अधिकारियों के सामने अपनी पूरी साज़िश और झूठ का खुलासा कर दिया। सहार पुलिस स्टेशन के अधिकारियों के अनुसार, मामला किसी अपहरण का नहीं बल्कि पारिवारिक कलह और निजी कारणों से गढ़े गए झूठ का निकला। पुलिस ने बताया कि वे जल्द ही अदालत में 'C Summary' closure report (सी-समरी क्लोजर रिपोर्ट) दाखिल करेंगे। यह रिपोर्ट तब पेश की जाती है जब कोई मामला तथ्यात्मक भूल (Mistake of Fact) या गलतफहमी के आधार पर दर्ज कराया गया हो।