चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एक्ट में 1949 के बाद पहली बार बदलाव की तैयारी, ICAI तैयार कर रहा प्रारूप

Edited By Updated: 20 Sep, 2026 10:34 AM

preparations underway to amend chartered accountants act

भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (ICAI) चार्टर्ड अकाउंटेंट्स से जुड़े कानून और नियमों में बदलाव चाहता है और इसके लिए वह सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है। ICAI की केंद्रीय परिषद के सदस्य सतीश कुमार गुप्ता ने बताया कि साल 1949 में संस्थान की स्थापना...

कोच्चि : भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (ICAI) चार्टर्ड अकाउंटेंट्स से जुड़े कानून और नियमों में बदलाव चाहता है और इसके लिए वह सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है। ICAI की केंद्रीय परिषद के सदस्य सतीश कुमार गुप्ता ने बताया कि साल 1949 में संस्थान की स्थापना के बाद से पहली बार परिषद ICAI अकाउंटेंट्स एक्ट, नियम और शेड्यूल में बदलाव पर विचार कर रहा है। इसमें कई तरह के बदलाव सुझाए गए हैं। 

मीडिया से एक मुलाकात के दौरान उन्होंने बताया कि ICAI इस दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है और जल्द ही ठोस परिणाम देखने को मिलेंगे। ICAI की संबंधित समिति दो महीने के भीतर अंतिम प्रारूप तैयार कर परिषद के पास भेज देगी। परिषद से मंजूरी मिलने के बाद उसे कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के पास भेजा जाएगा। मंत्रालय उसमें बदलावों के साथ सरकार के पास भेजेगा। फिर अंतिम प्रारूप मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद संसद के समक्ष आएगा। 

उदाहरण देते हुए गुप्ता ने कहा कि ICAI का मानना है कि यदि कोई सदस्य कंसल्टेंसी का काम कर रहा है तो उसे चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CA) पर लागू होने वाले कठोरतम नियमों के दायरे से बाहर रखा जाना चाहिए, उसके लिए वैसे ही नियम होने चाहिए जैसे दूसरे पेशों के कंसल्टेंट के लिए होते हैं। कड़े कानून सिर्फ उन्हीं के लिए लागू होने चाहिए जो ऑडिट का काम करते हैं। 

उन्होंने कहा कि साथ ही साथ कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के साथ भी विचार-विमर्श चल रहा है और उनकी प्रतिक्रिया काफी सकारात्मक है। इसके अलावा ICA नेटवर्किंग संबंधी दिशा-निर्देशों में भी बदलाव पर में भी बदलाव पर भी काम चल रहा है। अभी किसी CA फर्म को दूसरे पेशे के फर्म के साथ नेटवर्किंग की अनुमति नहीं है। दिशा-निर्देशों में बदलाव के बाद यह संभव हो सकेगा। इस मुद्दे पर ICAI की समिति में चर्चा हो चुकी है। इसके बाद इसे समिति के पास रखा जाएगा और फिर सरकार उस पर फैसला लेगी। 

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