सिखों की भावनाओं से खिलवाड़ के लिए एक नवंबर को रैली पर पर अड़े राहुल : भाजपा

Edited By Updated: 24 Oct, 2026 06:56 PM

rahul adamant on holding rally on november 1 despite it hurting the sentiments

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दिल्ली में विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' की आगामी रैली को लेकर शनिवार को कांग्रेस पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि राहुल गांधी एक नवंबर को ही कार्यक्रम आयोजित करने पर अड़े हैं, ताकि 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के...

नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दिल्ली में विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' की आगामी रैली को लेकर शनिवार को कांग्रेस पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि राहुल गांधी एक नवंबर को ही कार्यक्रम आयोजित करने पर अड़े हैं, ताकि 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़का जा सके। भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि 'इंडिया' गठबंधन के कई घटक दल कांग्रेस की एक नवंबर को रैली आयोजित करने की योजना से सहमत नहीं हैं और कार्यक्रम की तारीख बदलना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया, ''लेकिन राहुल गांधी अपनी जिद पर अड़े हैं और किसी की बात सुनने को तैयार नहीं हैं।

प्रसाद ने आरोप लगाया, ''राहुल गांधी एक नवंबर को रैली आयोजित करने पर अड़े रहकर जानबूझकर सिखों की आहत भावनाओं पर नमक छिड़कने की कोशिश कर रहे हैं। वह सिखों के साथ क्रूर मजाक करने पर तुले हैं।'' भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा, ''हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं।'' पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 31 अक्टूबर, 1984 को हत्या के बाद दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में सिख विरोधी दंगे भड़क उठे थे। रामलीला मैदान में एक नवंबर को होने वाली 'इंडिया' गठबंधन की रैली को निर्वाचन आयोग के कामकाज में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ निकाले जा रहे 'दिल्ली चलो' मार्च के समापन कार्यक्रम के रूप में बताया गया है।

कांग्रेस ने दावा किया है कि ''वोट चोरी'' के खिलाफ मार्च में कम से कम 10 लाख लोग शामिल होंगे। पार्टी ने कहा कि इससे लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के मुद्दे पर 'एकजुटता' का मजबूत संदेश जाएगा। प्रसाद ने आरोप लगाया कि गांधी अपनी ''अराजकतावादी सोच'' और ''बालहठ'' के कारण एक नवंबर को रैली आयोजित करने पर अड़े हुए हैं। उन्होंने रैली को ''एक खेल'' करार दिया और कांग्रेस नेता पर देश में अराजकता फैलाने तथा भारतीय लोकतंत्र को बदनाम करने के लिए ''देश विरोधी ताकतों'' के साथ मिलीभगत करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ''हमें जानकारी मिली है कि इस मुद्दे पर चर्चा के लिए 22 अक्टूबर को ऑनलाइन बैठक आयोजित होने वाली थी। कई सहयोगी दलों के शामिल नहीं होने के कारण बैठक स्थगित कर दी गई।

यह भी खबर है कि कई सहयोगी दल रैली की प्रस्तावित तारीख से संतुष्ट नहीं हैं और उन्होंने इसे बदलने का अनुरोध किया है।'' प्रसाद ने कहा, "राहुल गांधी, आप एक नवंबर को रैली आयोजित करने पर इतने अड़े क्यों हैं? आप क्या संदेश देना चाहते हैं? उनका संदेश बिल्कुल स्पष्ट है : 'हमें (कांग्रेस को) इसकी परवाह नहीं है।' " उन्होंने कहा, "राहुल गांधी का असली चेहरा यही है। इंदिरा गांधी की हत्या और उसके बाद हुए दंगों के बाद उनके पिता (राजीव गांधी) ने जो बयान दिया था, उसे याद कीजिए। उन्होंने कहा था, 'जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है, तो धरती हिलती है।' " भाजपा नेता ने सैम पित्रोदा की टिप्पणी "हुआ सो हुआ" का भी हवाला देते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस को इस बात की कोई परवाह नहीं है कि 1984 के सिख विरोधी दंगों के दौरान क्या हुआ था। 

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