Edited By Rahul Singh,Updated: 17 Oct, 2026 06:59 PM

दिल्ली में प्रदर्शनों को लेकर बढ़ती पाबंदियों के बीच कांग्रेस को राजधानी में शक्ति प्रदर्शन का मौका मिल गया है। दिल्ली पुलिस ने पार्टी को रामलीला मैदान में रैली आयोजित करने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) जारी कर दिया है।
नई दिल्ली: दिल्ली में प्रदर्शनों को लेकर बढ़ती पाबंदियों के बीच कांग्रेस को राजधानी में शक्ति प्रदर्शन का मौका मिल गया है। दिल्ली पुलिस ने पार्टी को रामलीला मैदान में रैली आयोजित करने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी कर दिया है। मैदान 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक के लिए बुक रहेगा। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच टकराव जारी है।
MCD की मंजूरी की प्रक्रिया अब बाकी
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, कांग्रेस ने सबसे पहले दिल्ली नगर निगम से रामलीला मैदान की उपलब्धता के बारे में जानकारी मांगी थी। निगम ने बताया कि मैदान 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक उपलब्ध है। इसके बाद पार्टी ने पुलिस से संपर्क कर रैली के आयोजन की अनुमति मांगी। सेंट्रल दिल्ली के पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने समाचार एजेंसी ANI को बताया कि कांग्रेस के साथ बातचीत और सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा के बाद NOC जारी किया गया। अब पार्टी को यह प्रमाणपत्र MCD के पास जमा कराना होगा। इसके बाद आयोजन से जुड़ी तैयारियां आगे बढ़ाई जा सकेंगी। रामलीला मैदान का स्वामित्व MCD के पास है।
जंतर-मंतर के विकल्प के तौर पर तय किए गए तीन मैदान
दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों के आयोजन को लेकर नियमों में सख्ती के बीच पुलिस ने तीन वैकल्पिक स्थलों की पहचान की है। इनमें रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का CBD मैदान शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इन स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित करने के इच्छुक अन्य संगठनों और व्यक्तियों को भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनुमति लेनी होगी। ऐसे में रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली को मिली मंजूरी राजनीतिक प्रदर्शनों के लिए उपलब्ध स्थानों के संदर्भ में अहम मानी जा रही है।
SIR को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच टकराव
कांग्रेस की प्रस्तावित रैली का समय राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का विरोध कर रहे हैं और इस प्रक्रिया को वापस लेने की मांग उठा रहे हैं। इसके साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की जा रही है। पिछले कुछ हफ्तों में कांग्रेस और INDIA गठबंधन के अन्य दलों ने दिल्ली में इस मुद्दे पर विरोध-प्रदर्शन किए हैं। इन प्रदर्शनों के दौरान पुलिस ने भी कार्रवाई की है। सेंट्रल दिल्ली में एक प्रदर्शन के दौरान 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई थी। कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करा रही है। पार्टी के साथ INDIA गठबंधन के सहयोगी दल भी इस मुद्दे पर प्रदर्शन कर चुके हैं।
CJP कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी से भी बढ़ा विवाद
दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं का मामला भी चर्चा में है। पार्टी कार्यकर्ता अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को 10 अक्टूबर को हिरासत में लिया गया था। अगले दिन एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। इसके बाद जंतर-मंतर पर कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने के मामले में सौरव दास, आशुतोष रांका और अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया। पार्टी सदस्य अजिंक्य शिंदे के मुताबिक, दास और रांका को 14 अक्टूबर को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। शिंदे ने कहा कि इन कार्रवाइयों के बावजूद कार्यकर्ता अपना विरोध जारी रखेंगे।
तिरंगा रैली से पहले अभिजीत दिपके को हिरासत में लिया गया
शुक्रवार को पुलिस ने अभिजीत दिपके को भी हिरासत में लिया। वह कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित 'लहरा दो तिरंगा' रैली का नेतृत्व करने वाले थे। पुलिस ने इससे पहले भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू की थी, जिसके तहत सेंट्रल दिल्ली में सार्वजनिक सभाओं पर पाबंदियां लगाई गई थीं। पुलिस के अनुसार, दिपके को कुछ शर्तों के साथ दिल्ली में जमानत मिल गई है। रामलीला मैदान में रैली के लिए NOC मिलने के बाद कांग्रेस के पास आयोजन की तैयारी आगे बढ़ाने का रास्ता खुल गया है। अब इस रैली पर नजर रहेगी, खासकर इसलिए क्योंकि SIR और चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष का विरोध लगातार जारी है।