Edited By Parveen Kumar,Updated: 13 Feb, 2026 06:18 PM

नागरिक उड्डयन क्षेत्र में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां नियामक संस्था नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने एयर इंडिया पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। आरोप है कि एयरलाइन ने बिना वैध ‘एयरवर्दीनेस परमिट’ के एक एयरबस विमान को 8 बार उड़ाया।
नेशनल डेस्क : देश के विमानन क्षेत्र में बड़ा मामला सामने आया है। नागरिक उड्डयन नियामक Directorate General of Civil Aviation (DGCA) ने Air India पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। आरोप है कि एयरलाइन ने एक एयरबस विमान को अनिवार्य ‘एयरवर्थिनेस’ मंजूरी के बिना आठ बार वाणिज्यिक उड़ान पर भेजा।
किन रूट्स पर भरी गईं उड़ानें?
जांच में सामने आया कि 24 से 25 नवंबर के बीच संबंधित विमान ने दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे प्रमुख शहरों के बीच यात्रियों को लेकर संचालन किया। बाद में दस्तावेजों की समीक्षा के दौरान पाया गया कि विमान के पास वैध ‘एयरवर्थिनेस रिव्यू सर्टिफिकेट’ (ARC) उपलब्ध नहीं था।
ARC क्यों है इतना अहम?
एआरसी एक वार्षिक अनिवार्य प्रमाणपत्र होता है, जो यह पुष्टि करता है कि विमान की तकनीकी स्थिति, रखरखाव रिकॉर्ड और सुरक्षा मानक नियामकीय नियमों के अनुरूप हैं। इसके बिना किसी विमान का व्यावसायिक उड़ान भरना गंभीर उल्लंघन माना जाता है, क्योंकि यह सुरक्षा निगरानी व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।
नियामक की सख्ती
DGCA ने इसे विमानन सुरक्षा मानकों से समझौता मानते हुए आर्थिक दंड लगाया है। नियामक का कहना है कि किसी भी विमान को परिचालन से पहले वैध प्रमाणन अनिवार्य है और इसमें चूक को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
सुरक्षा पर बड़ा संदेश
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह कार्रवाई संकेत देती है कि विमानन क्षेत्र में सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर सख्ती बरती जा रही है। आमतौर पर ऐसे मामलों में एयरलाइन नियामक के साथ सहयोग और अपनी आंतरिक प्रक्रियाओं की समीक्षा की बात करती है, ताकि भविष्य में इस तरह की त्रुटि दोहराई न जाए।