Edited By Niyati Bhandari,Updated: 13 Feb, 2026 02:52 PM

Valentine’s Day 2026 Rashifal: वैलेंटाइन डे 14 फरवरी 2026 को मनाया जाएगा। वैदिक ज्योतिष के अनुसार इस दिन चंद्रमा, शुक्र और मंगल की स्थिति प्रेम संबंधों पर विशेष प्रभाव डालेगी। शुक्र प्रेम और आकर्षण का कारक ग्रह है, जबकि चंद्रमा भावनाओं को नियंत्रित...
Valentine’s Day 2026 Rashifal: वैलेंटाइन डे 14 फरवरी 2026 को मनाया जाएगा। वैदिक ज्योतिष के अनुसार इस दिन चंद्रमा, शुक्र और मंगल की स्थिति प्रेम संबंधों पर विशेष प्रभाव डालेगी। शुक्र प्रेम और आकर्षण का कारक ग्रह है, जबकि चंद्रमा भावनाओं को नियंत्रित करता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि 12 राशियों के लिए यह दिन कैसा रहेगा और कौन-से उपाय आपके प्रेम जीवन को और बेहतर बना सकते हैं।
वैलेंटाइन डे 2026 कई राशियों के लिए प्रेम और संबंधों में नई ऊर्जा लेकर आ सकता है। ग्रहों की स्थिति का सकारात्मक लाभ उठाने के लिए राशि अनुसार छोटे-छोटे उपाय करें।
मेष
प्रेम जीवन में उत्साह रहेगा। सिंगल जातकों को नया प्रस्ताव मिल सकता है।
उपाय: लाल फूल भगवान हनुमान को अर्पित करें।
वृषभ
शुक्र की कृपा से रोमांस बढ़ेगा। दांपत्य जीवन में मधुरता रहेगी।
उपाय: सफेद मिठाई का दान करें और सुगंधित इत्र लगाएं।
मिथुन
संवाद की कमी से गलतफहमी हो सकती है। खुलकर बात करें।
उपाय: गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें।
कर्क
भावनात्मक जुड़ाव गहरा होगा। पुराने रिश्ते सुधर सकते हैं।
उपाय: शिवलिंग पर जल और दूध चढ़ाएं।
सिंह
प्रेम प्रस्ताव के लिए दिन अनुकूल है। आत्मविश्वास से बात करें।
उपाय: सूर्य को अर्घ्य दें।
कन्या
छोटी बातों को दिल पर न लें। संयम रखें।
उपाय: विष्णु मंत्र का 108 बार जाप करें।
तुला
शुक्र का प्रभाव प्रेम जीवन को मजबूत करेगा। रोमांटिक सरप्राइज सफल रहेगा।
उपाय: मां लक्ष्मी को गुलाबी फूल चढ़ाएं।
वृश्चिक
ईर्ष्या से बचें। विश्वास ही रिश्ते की नींव है।
उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें।
धनु
भाग्य का साथ मिलेगा। लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशन में खुशखबरी मिल सकती है।
उपाय: पीले वस्त्र पहनें और केले का दान करें।
मकर
काम और रिश्ते के बीच संतुलन जरूरी है।
उपाय: शनि मंत्र ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ का जाप करें।
कुंभ
दोस्ती प्रेम में बदल सकती है। नए रिश्ते की शुरुआत संभव है।
उपाय: जरूरतमंद को नीले वस्त्र दान करें।
मीन
भावनात्मक गहराई बढ़ेगी। विवाह प्रस्ताव मिल सकता है।
उपाय: केसर का तिलक लगाएं और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।