Why Market Down Today: शेयर बाजार में मचा कोहराम, सेंसेक्स-निफ्टी धड़ाम, 4 बड़े कारणों ने किया निराश

Edited By Updated: 13 Feb, 2026 03:32 PM

stock market crash 4 major reasons disappoint

भारतीय शेयर बाजारों में शुक्रवार (13 फरवरी) को बड़ी गिरावट देखने को मिली। बाजार खुलते ही दबाव में आ गया और दिनभर बिकवाली हावी रही। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 900 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 25,550 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया। आईटी शेयरों...

बिजनेस डेस्कः भारतीय शेयर बाजारों में शुक्रवार (13 फरवरी) को बड़ी गिरावट देखने को मिली। बाजार खुलते ही दबाव में आ गया और दिनभर बिकवाली हावी रही। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 900 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 25,550 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया। आईटी शेयरों में भारी बिकवाली और कमजोर वैश्विक संकेतों ने निवेशकों का भरोसा कमजोर किया, जिससे लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में रहे। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी करीब 1.5 फीसदी तक गिरावट दर्ज की गई।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1048.16 अंकों की गिरावट के साथ 82,626.76 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी करीब 336.10 अंक टूटकर 25,471.10 के स्तर पर आ गया।

IT शेयरों में दबाव बना सबसे बड़ा कारण

बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह आईटी कंपनियों के शेयरों में लगातार बिकवाली रही। पिछले कुछ सत्रों से आईटी सेक्टर दबाव में है और कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट आई है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े बदलावों को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ी है, क्योंकि इससे पारंपरिक आईटी बिजनेस मॉडल और मार्जिन पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

कमजोर वैश्विक संकेतों का असर

एशियाई और अमेरिकी बाजारों में कमजोरी ने भी घरेलू बाजार का सेंटीमेंट बिगाड़ा। टेक और सॉफ्टवेयर शेयरों में वैश्विक स्तर पर गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। साथ ही, महंगाई आंकड़ों और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया।

रुपए में कमजोरी से बढ़ी चिंता

डॉलर की मजबूती और शेयर बाजार में गिरावट के कारण रुपया भी दबाव में रहा और शुरुआती कारोबार में कमजोर स्तर पर पहुंच गया। इससे विदेशी निवेशकों की गतिविधियों को लेकर भी बाजार में चिंता बढ़ी।

इंडिया VIX में उछाल से बढ़ी अस्थिरता

बाजार में बढ़ते जोखिम का संकेत देने वाला अस्थिरता सूचकांक भी उछला, जिससे यह साफ हुआ कि निवेशक फिलहाल सतर्क और रक्षात्मक रणनीति अपना रहे हैं।

कुल मिलाकर, आईटी सेक्टर की कमजोरी, वैश्विक बाजारों से नकारात्मक संकेत, रुपये में गिरावट और बढ़ती अस्थिरता के कारण बाजार पर दबाव बना रहा। आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर वैश्विक आर्थिक आंकड़ों और ब्याज दरों से जुड़े संकेतों पर रहेगी, जो बाजार की अगली दिशा तय कर सकते हैं।

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