Edited By Radhika,Updated: 13 Feb, 2026 12:37 PM

लोकसभा में शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण प्रश्नकाल नहीं चल सका और सदन की बैठक एक बार के स्थगन के बाद नौ मार्च सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सदन की कार्यवाही एक बार...
नेशनल डेस्क: लोकसभा में शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण प्रश्नकाल नहीं चल सका और सदन की बैठक एक बार के स्थगन के बाद नौ मार्च सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे आरंभ हुई तो पीठासीन सभापति संध्या राय ने आवश्यक कागजात सदन के पटल पर रखवाए और फिर 12 बजकर छह मिनट पर सभा की बैठक नौ मार्च तक के लिए स्थगित कर दी।
इससे पहले, विपक्षी सदस्यों ने हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग को लेकर हंगामा और नारेबाजी की जिसके कारण प्रश्नकाल नहीं चल सका तथा सदन की बैठक शुरू होने के पांच मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई थी। बैठक शुरू होते ही पीठासीन सभापति संध्या राय ने पूर्व सांसद डॉ. भगवान दास राठौड़ के निधन की सूचना सदन को दी और सदस्यों ने कुछ पल मौन रखकर दिवंगत पूर्व सदस्य को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद जैसे ही पीठासीन सभापति ने प्रश्नकाल शुरू कराया, कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सदस्य केंद्रीय मंत्री पुरी के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाने लगे और आसन के समीप आ गए। इस बीच कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने अपना पूरक प्रश्न पूछा जिसका जवाब स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने शोर-शराबे के बीच ही किया।

पीठासीन सभापति संध्या राय ने हंगामा कर रहे सदस्यों से अपने स्थान पर जाकर बैठने और कार्यवाही चलने देने की अपील की। हंगामा नहीं थमने पर उन्होंने बैठक पांच मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों के बाद केंद्रीय मंत्री पुरी ने बुधवार को सफाई देते हुए कहा था उनकी मुलाकात जेफ्री एप्स्टीन से ''कुछ मौकों पर'' हुई थी, लेकिन उसके साथ हुई बातचीत का उन अपराधों से कोई लेना-देना नहीं था जिनमें अमेरिकी यौन अपराधी शामिल था।