एक्सीडेंट होने पर कैशलेस इलाज, किसान-महिलाओं के लिए स्कीम… PM मोदी ने लिए ये बड़े फैसले

Edited By Updated: 13 Feb, 2026 09:20 PM

cashless treatment in case of accident scheme for farmers and women

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 13 फरवरी को नए प्रधानमंत्री कार्यालय परिसर ‘सेवा तीर्थ’ का लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने अपने नए कार्यकाल के शुरुआती फैसलों को मंजूरी देते हुए स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता “सेवा और सशक्तिकरण” रहेगी।...

नेशनल डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 13 फरवरी को नए प्रधानमंत्री कार्यालय परिसर ‘सेवा तीर्थ’ का लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने अपने नए कार्यकाल के शुरुआती फैसलों को मंजूरी देते हुए स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता “सेवा और सशक्तिकरण” रहेगी। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, ये फैसले महिलाओं, किसानों, युवाओं और जरूरतमंद तबकों को सीधा लाभ पहुंचाने पर केंद्रित हैं।

‘सेवा तीर्थ’ से नई शुरुआत

नए कार्यालय परिसर को प्रशासनिक दक्षता और जनसेवा की भावना से जोड़ा गया है। उद्घाटन के साथ ही प्रधानमंत्री ने कई अहम फाइलों पर हस्ताक्षर किए, जिनका उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना और आर्थिक गतिविधियों को गति देना है।

सड़क हादसों के लिए कैशलेस उपचार योजना

सरकार ने एक नई राहत पहल को मंजूरी दी है, जिसके तहत सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को ₹1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। योजना का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि आपात स्थिति में इलाज में देरी न हो और आर्थिक अभाव किसी की जान पर भारी न पड़े।

‘लखपति दीदी’ मिशन का विस्तार

महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए ‘लखपति दीदी’ कार्यक्रम का दायरा बढ़ाया गया है। पहले 3 करोड़ महिलाओं को इस दायरे में लाने का लक्ष्य तय समय से पहले हासिल कर लिया गया था। अब सरकार ने मार्च 2029 तक 6 करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने का नया लक्ष्य रखा है। यह कदम स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमिता को नई मजबूती देगा।

कृषि अवसंरचना फंड में बड़ा इजाफा

किसानों के हित में कृषि अवसंरचना फंड को दोगुना कर ₹2 लाख करोड़ करने का फैसला लिया गया है। इससे भंडारण क्षमता, कोल्ड चेन और सप्लाई नेटवर्क को मजबूत करने में मदद मिलेगी। सरकार का मानना है कि इससे कृषि मूल्य श्रृंखला में सुधार होगा और किसानों की आय में वृद्धि संभव होगी।

स्टार्टअप्स को नई ऊर्जा

नवाचार और तकनीकी विकास को गति देने के लिए ₹10,000 करोड़ के कोष के साथ ‘स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0’ को हरी झंडी दी गई है। यह पहल डीप-टेक, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और शुरुआती चरण के उद्यमों को पूंजी उपलब्ध कराएगी। इससे युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर बनने और भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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