US Trade Deal पर घमासान! राहुल बोले– MSP, फूड सिक्योरिटी और खेती पर बड़ा खतरा

Edited By Updated: 12 Feb, 2026 09:06 PM

rahul gandhi statement

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गुरुवार (12 फरवरी 2026) को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर सवाल...

नेशनल डेस्क: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गुरुवार (12 फरवरी 2026) को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर सवाल उठाए। राहुल गांधी का कहना है कि सरकार की हालिया नीतियां और संभावित अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते भारतीय किसानों के हितों के खिलाफ हैं।

‘किसानों के हक के लिए लड़ता रहूंगा’

वीडियो के साथ साझा संदेश में राहुल गांधी ने कहा कि चाहे उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो या विशेषाधिकार प्रस्ताव लाया जाए, वे किसानों के अधिकारों की आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि कोई भी ऐसा व्यापार समझौता, जिससे किसानों की आजीविका प्रभावित हो या देश की खाद्य सुरक्षा कमजोर पड़े, स्वीकार्य नहीं है। उनके अनुसार, सरकार को अन्नदाताओं के हितों की रक्षा करनी चाहिए।

अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर सवाल

राहुल गांधी ने केंद्र पर आरोप लगाया कि अमेरिका के साथ की गई व्यापारिक बातचीत से भारतीय कृषि क्षेत्र पर दबाव बढ़ सकता है। उन्होंने विशेष रूप से कपास, सोयाबीन, सेब और अन्य फसलों का जिक्र करते हुए आशंका जताई कि इन क्षेत्रों के किसानों को प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की खाद्य सुरक्षा और कृषि बाजार को बाहरी प्रभाव से बचाना जरूरी है।

कृषि बाजार और पूर्व कानूनों का जिक्र

अपने बयान में राहुल गांधी ने पहले लाए गए तीन कृषि कानूनों का संदर्भ भी दिया और कहा कि कृषि क्षेत्र को लेकर सरकार की नीतियों पर पहले भी व्यापक विरोध हुआ था। उनका दावा है कि यदि छोटे और सीमांत किसानों की स्थिति को मजबूत नहीं किया गया, तो बड़े विदेशी कृषि तंत्र के सामने वे टिक नहीं पाएंगे।

अमेरिकी और भारतीय किसानों की तुलना

राहुल गांधी ने अमेरिका और भारत के किसानों की परिस्थितियों की तुलना करते हुए कहा कि वहां बड़े और मशीनीकृत फार्म हैं तथा सरकारी सब्सिडी भी अधिक मिलती है। वहीं भारत में अधिकांश किसान छोटे जोत वाले हैं और उन्हें लागत व समर्थन मूल्य से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने दोहराया कि उनकी पार्टी किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

सियासी माहौल गरम

यह बयान ऐसे समय आया है जब विभिन्न किसान संगठनों और विपक्षी दलों की ओर से कृषि नीतियों पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।

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