Edited By Anu Malhotra,Updated: 08 Jan, 2026 07:27 PM

राजस्थान के चूरू जिले में कानून के रखवालों पर ही कानून तोड़ने के गंभीर आरोप लगे हैं। एक महिला कांस्टेबल का दावा है कि साल 2017 से लेकर 2025 तक उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का सिलसिला चलता रहा। इस मामले में तत्कालीन थानाधिकारी (SHO) और तीन...
नेशनल डेस्क: राजस्थान के चूरू जिले में कानून के रखवालों पर ही कानून तोड़ने के गंभीर आरोप लगे हैं। एक महिला कांस्टेबल का दावा है कि साल 2017 से लेकर 2025 तक उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का सिलसिला चलता रहा। इस मामले में तत्कालीन थानाधिकारी (SHO) और तीन अन्य पुलिसकर्मियों को नामजद किया गया है।
साजिश के तहत होटल ले जाकर नशीला पदार्थ पिलाया
पीड़िता द्वारा दर्ज करवाई गई शिकायत के अनुसार, इस खौफनाक दास्तां की शुरुआत साल 2017 में हुई थी। एक साथी पुलिसकर्मी ने तड़के करीब 3:30 बजे फोन कर उसे ड्यूटी का झांसा देकर बुलाया। जब वह पहुंची, तो उसे जबरन एक होटल ले जाया गया। आरोप है कि वहां उसे नशीली चीज पिलाकर बेसुध किया गया और फिर 4 आरोपियों ने उसके साथ जबरन संबंध (गैंगरेप) बनाए। पीड़िता का कहना है कि इसके बाद आरोपियों ने उसे डराया-धमकाया और लगातार कई सालों तक उसका शारीरिक और मानसिक शोषण करते रहे।
SP के दखल के बाद हुई कार्रवाई
मामला तब उजागर हुआ जब महिला कांस्टेबल ने जिला पुलिस अधीक्षक (SP) जय यादव से मिलकर अपनी आपबीती सुनाई। SP ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आंतरिक जांच के आदेश दिए। प्रारंभिक जांच में तथ्यों की गंभीरता को देखते हुए बुधवार को 3 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी करवाया है।
मामले का दूसरा पहलू: विवादों में है शिकायतकर्ता
इस पूरी घटना के बीच एक महत्वपूर्ण जानकारी यह भी सामने आई है कि आरोप लगाने वाली महिला कांस्टेबल खुद पिछले दो महीने से निलंबित (Suspended) चल रही है। उस पर ड्यूटी से गायब रहने और कुछ अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं। क्योंकि मामला 7 साल पुराना है और शिकायतकर्ता का पिछला रिकॉर्ड भी विवादित रहा है, इसलिए पुलिस इसे 'हनीट्रैप' या आपसी रंजिश के नजरिए से भी देख रही है।