Edited By Tanuja,Updated: 03 Mar, 2026 03:06 PM

ईरान ने बहरीन में अमेरिकी कमांड सेंटर नष्ट करने का दावा किया है, जबकि इज़राइल ने तेहरान और बेरूत में नए हमले किए हैं। ट्रंप ने लंबा युद्ध लड़ने की चेतावनी दी है। ओमान में ड्रोन हमला हुआ और होर्मुज़ संकट गहराया। पूरे मध्य पूर्व में व्यापक युद्ध का...
International Desk: ईरान ने दावा किया है कि उसने Bahrain में स्थित एक अमेरिकी सैन्य कमांड सेंटर को नष्ट कर दिया है। हालांकि इस दावे की अभी तक स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय पुष्टि नहीं हुई है। अमेरिकी अधिकारियों की ओर से भी इस संबंध में औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसी बीच ईरानी मीडिया ने 1 मार्च को Ali Khamenei की मौत की पुष्टि की। रिपोर्टों के अनुसार Tehran में उनके आवास पर संयुक्त अमेरिकी-इज़राइली हमले के बाद उनकी मृत्यु हुई। इस खबर ने पूरे क्षेत्र में तनाव को और भड़का दिया है।
तेहरान और बेरूत में इज़राइली हमले
Israel ने तेहरान और Beirut में नए हवाई हमले किए हैं। Israel Defense Forces (IDF) के अनुसार, बेरूत के दक्षिणी उपनगर दहियाह में Hezbollah के कमांड सेंटर और हथियार भंडारण स्थलों को निशाना बनाया गया। इज़राइल के रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ मिलकर लेबनान में अतिरिक्त रणनीतिक ठिकानों पर नियंत्रण के आदेश दिए गए हैं, ताकि सीमा क्षेत्रों पर हो रहे हमलों को रोका जा सके।
मोसाद पर निगरानी नेटवर्क हैक करने का आरोप
रिपोर्टों के अनुसार Mossad ने वर्षों तक तेहरान के ट्रैफिक कैमरा नेटवर्क और अन्य डिजिटल सिस्टम में सेंध लगाकर ईरानी नेतृत्व की गतिविधियों पर नजर रखी।बताया गया है कि इस खुफिया जानकारी के जरिए सुरक्षा व्यवस्था, आवागमन और संवेदनशील ठिकानों की जानकारी जुटाई गई, जिससे हालिया हमलों की योजना बनाने में मदद मिली।
ट्रंप का सख्त बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि अमेरिका “अनिश्चित काल तक युद्ध लड़ सकता है।” उन्होंने अपने सोशल मीडिया मंच पर लिखा कि अमेरिका के पास “लगभग असीमित मात्रा में हथियार” हैं और देश “बड़ी जीत के लिए तैयार है।” ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी कि ईरान पर हमले एक महीने से अधिक समय तक जारी रह सकते हैं और “सबसे कड़े प्रहार अभी बाकी हैं।”
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पर निशाना
डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री की आलोचना करते हुए कहा कि ब्रिटेन ने अमेरिकी बमवर्षकों को अपने ठिकानों से उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने संकेत दिया कि यह निर्णय राजनीतिक कारणों से लिया गया हो सकता है। ब्रिटिश सरकार इस बीच क्षेत्र से अपने नागरिकों की निकासी की तैयारी में जुटी है।
ओमान के बंदरगाह पर ड्रोन हमला
Oman के डुक्म बंदरगाह पर ड्रोन हमले में एक ईंधन टैंक को निशाना बनाया गया। स्थानीय एजेंसी के अनुसार नुकसान सीमित रहा और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। अमेरिकी ठिकानों पर हमले, नागरिकों की निकासी चेतावनी, खाड़ी देशों के बुनियादी ढांचे पर ड्रोन अटैक और इज़राइली हवाई कार्रवाई — इन घटनाओं ने पूरे मध्य पूर्व को गंभीर अस्थिरता की ओर धकेल दिया है।