UK प्रधानमंत्री की US को ऑफर पर तड़पा ईरान, साइप्रस में ब्रिटिश एयरबेस पर किया हमला (Video)

Edited By Updated: 02 Mar, 2026 07:09 PM

british military base in cyprus targeted in suspected drone attack

साइप्रस स्थित ब्रिटेन के आरएएफ अक्रोतिरी एयरबेस पर ईरान समर्थित ड्रोन से हमला हुआ। ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय के अनुसार नुकसान मामूली रहा और कोई हताहत नहीं हुआ। यह हमला अमेरिका-इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों और अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद...

London: साइप्रस में स्थित ब्रिटेन के Royal Air Force (आरएएफ) के प्रमुख अड्डे RAF Akrotiri पर रविवार आधी रात के आसपास ईरानी  ड्रोन से हमला किया गया। साइप्रस के राष्ट्रपति Nikos Christodoulides ने सोमवार को इस हमले की पुष्टि की।  ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि हमले से बहुत कम नुकसान हुआ और कोई हताहत नहीं हुआ है। बेस और वहां तैनात कर्मचारी सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।

 

🚨🇨🇾🇮🇷🇬🇧 Iran just attacked a British base in Cyprus.

Just hours after Keir Starmer said the UK would let America use its bases to strike Iran.

Iran's response was immediate. Britain is now taking direct fire. https://t.co/MiGiZwmbaT pic.twitter.com/18zOdyHXYi

— Mario Nawfal (@MarioNawfal) March 2, 2026

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले किए गए हैं। इन हमलों के दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत हो गई, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer ने कुछ घंटे पहले एक वीडियो बयान जारी कर अमेरिका को “सीमित रक्षाात्मक अभियान” के तहत ब्रिटिश बेस के उपयोग की अनुमति देने की घोषणा की थी। इसके तुरंत बाद यह ड्रोन हमला हुआ, जिसे व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का विस्तार माना जा रहा है।

 

🚨🇨🇾🇮🇷 Smoke sighted near the British air base in Cyprus after alerts of Iranian drones in the area.pic.twitter.com/n0xhj33boq https://t.co/HYELGax934

— Mario Nawfal (@MarioNawfal) March 2, 2026

रक्षा मंत्रालय ने बताया कि बेस पर मौजूद परिवारों को एहतियातन “अस्थायी नोटिस” के तहत दूसरी जगह भेजा जाएगा। हालांकि, अन्य कार्यस्थल, व्यापारिक प्रतिष्ठान और केंद्र सामान्य रूप से खुले रहेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, यह हमला पश्चिमी देशों को सीधे संदेश देने की कोशिश हो सकता है कि ईरान या उसके सहयोगी अब संघर्ष को क्षेत्रीय दायरे से बाहर ले जाने को तैयार हैं। इससे ब्रिटेन की भूमिका और अधिक संवेदनशील हो गई है।
 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!