Edited By Tanuja,Updated: 02 Mar, 2026 05:31 PM

ईरानी ड्रोन हमलों के बाद सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको ने दम्माम के पास स्थित रास तानूरा रिफाइनरी को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। सरकारी टीवी के अनुसार कोई हताहत नहीं हुआ। प्रतिदिन 5 लाख बैरल से अधिक क्षमता वाली इस रिफाइनरी को सुरक्षा कारणों...
International Desk: ईरानी ड्रोन हमलों के बाद वैश्विक तेल बाजार पर संकट के बादल और गहरा गए हैं। सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी Saudi Aramco ने सोमवार को दम्माम के पास स्थित अपनी प्रमुख रास तानूरा तेल रिफाइनरी को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। यह कदम कथित ईरानी ड्रोन हमलों के बाद उठाया गया है।सऊदी सरकारी टेलीविजन ने एक “आधिकारिक सूत्र” के हवाले से बताया कि यह निर्णय पूरी तरह एहतियात के तौर पर लिया गया है। हमले में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है और सुरक्षा एजेंसियां हालात की निगरानी कर रही हैं।
क्यों अहम है रास तानूरा?
- रास तानूरा सऊदी अरब की सबसे महत्वपूर्ण तेल सुविधाओं में से एक मानी जाती है।
- इसकी प्रसंस्करण क्षमता प्रतिदिन 5 लाख बैरल से अधिक कच्चा तेल है।
- यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला का अहम हिस्सा है।
- यहां से तैयार उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात किए जाते हैं।
- ऐसी स्थिति में, भले ही बंदी अस्थायी हो, इसका असर वैश्विक तेल कीमतों और बाजार की स्थिरता पर पड़ सकता है।
तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी
खाड़ी क्षेत्र में हाल के दिनों में ड्रोन और मिसाइल गतिविधियां बढ़ी हैं। ईरान और पश्चिमी देशों के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाए जाने की आशंका भी बढ़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि तेल प्रतिष्ठानों पर हमला केवल सैन्य नहीं बल्कि आर्थिक दबाव की रणनीति भी हो सकता है।रिफाइनरी की अस्थायी बंदी से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव लंबा खिंचता है, तो कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा जा सकता है। खाड़ी क्षेत्र पहले ही भू-राजनीतिक तनाव से गुजर रहा है, ऐसे में ऊर्जा ढांचे पर हमला वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा जोखिम माना जा रहा है।
तेल बाजार पर संभावित असर
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव की संभावना।
- आपूर्ति बाधित होने की आशंका से निवेशकों में चिंता।
- खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा सुरक्षा पर सवाल।
- हालांकि, सऊदी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि उत्पादन और आपूर्ति को जल्द सामान्य करने की कोशिश की जा रही है।
- सऊदी सुरक्षा एजेंसियां हमले की जांच कर रही हैं। यदि स्थिति नियंत्रण में रहती है, तो रिफाइनरी को शीघ्र दोबारा शुरू किया जा सकता है।
- लेकिन खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव को देखते हुए ऊर्जा ढांचे की सुरक्षा अब सर्वोच्च प्राथमिकता बन गई है।