Edited By Tanuja,Updated: 02 Mar, 2026 04:12 PM

इराकी कुर्दिस्तान के एरबिल में अमेरिकी सैन्य अड्डे के पास ड्रोन और मिसाइल हमलों से हालात भड़क उठे हैं। ईरान-समर्थित समूहों पर शक गहराया है। वॉशिंगटन ने जवाबी कार्रवाई जारी रखने के संकेत दिए हैं। क्षेत्रीय तनाव चरम पर है, जबकि आधिकारिक हताहत आंकड़े...
International Desk: इराकी कुर्दिस्तान की राजधानी एरबिल के पास स्थित एरबिल इंटरनेशनल एयरपोर्ट परिसर, जहां अमेरिकी सैन्य मौजूदगी है, अचानक धमाकों से गूंज उठा। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक कई ड्रोन और रॉकेटों की गतिविधियां दर्ज की गई। एयर-डिफेंस सिस्टम सक्रिय हुआ। कुछ प्रोजेक्टाइल हवा में ही नष्ट किए गए। एयरपोर्ट के आसपास विस्फोटों की आवाज़ें सुनी गईं।अब तक एरबिल हमले में अमेरिकी हताहतों की कोई स्पष्ट आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया गया है। अमेरिका और ईरान के बीच हालिया सैन्य टकराव के बाद पूरे क्षेत्र में बदले की कार्रवाई तेज हो गई है। अमेरिकी रक्षा विभाग पहले ही पुष्टि कर चुका है कि संघर्ष की अन्य घटनाओं में 3 अमेरिकी सैनिक मारे गए व 5 गंभीर रूप से घायल हुए। वॉशिंगटन ने संकेत दिए हैं कि सैन्य अभियान कई हफ्तों तक जारी रह सकता है। इससे यह आशंका गहराई है कि संघर्ष सीमित नहीं रहेगा।
IRGC पर वार और मिलिशिया का पलटवार
अमेरिका ने दावा किया है कि उसने ईरान की शक्तिशाली सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के ढांचे को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। इसके बाद ईरान-समर्थित शिया मिलिशिया समूहों ने इराक और आसपास के इलाकों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की धमकी दी। अमेरिकी नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि सैनिकों पर हमलों का “उचित और निर्णायक जवाब” दिया जाएगा। इराकी कुर्दिस्तान प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है। एरबिल एयरपोर्ट और आसपास के इलाकों में सुरक्षा घेरा बढ़ाया गया व उड़ानों पर अस्थायी असर की खबरें सामने आईं हैं। एरबिल हमले का अंतिम नुकसान और हताहतों का आधिकारिक ब्योरा अभी बाकी है। यदि हमले जारी रहे तो इराक और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों की सुरक्षा और कड़ी होगी। कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, लेकिन फिलहाल हालात शांत होने के संकेत कमजोर दिख रहे हैं।