राजेंद्र नगर हादसाः SUV कार ड्राइवर को सेशल कोर्ट से मिली जमानत, पानी से भरी सड़क पर चलाई थी गाड़ी

Edited By Updated: 01 Aug, 2024 06:24 PM

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दिल्ली के राजेंद्र नगर में छात्रों की मौत के मामले में अदालत से एसयूवी कार ड्राइवर को जमानत मिल गई है। बता दें कि SUV ड्राइवर ने बुधवार को मजिस्ट्रेट की अदालत से जमानत खारिज होने के बाद सेशन कोर्ट में अर्जी लगाई

नई दिल्लीः दिल्ली के राजेंद्र नगर में छात्रों की मौत के मामले में अदालत से एसयूवी कार ड्राइवर को जमानत मिल गई है। बता दें कि SUV ड्राइवर ने बुधवार को मजिस्ट्रेट की अदालत से जमानत खारिज होने के बाद सेशन कोर्ट में अर्जी लगाई थी। कथूरिया पर आरोप है कि उन्होंने अपनी SUV को उस सड़क पर चलाया, जहां बारिश का पानी भरा हुआ था। इससे पानी का बहाव एक तरफ बढ़ गया और 3 मंजिला इमारत के गेट टूट गए तथा बेसमेंट जलमग्न हो गया। इससे पहले बुधवार को दिल्ली की एक अदालत ने इस मामले में अपराध को ‘गंभीर’ बताते हुए कथूरिया की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

इससे पहले दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि उसने कोचिंग सेंटर में तीन विद्यार्थियों की मौत के मामले में स्पोर्ट्स यूटीलिटी व्हीकल (एसयूवी) चालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का आरोप वापस ले लिया गया है। जांच अधिकारी (आईओ) ने अतिरिक्त सत्र जज राकेश कुमार को आरोप वापस लेने के फैसले की जानकारी दी। सत्र जज कुमार कार ड्राइवर मनुज कथूरिया को बुधवार को जमानत देने से मजिस्ट्रेट अदालत के इनकार के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई कर रहे थे।

जज ने यहां ओल्ड राजेंद्र नगर इलाके में कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने के बाद डूबने से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने वाले तीन विद्यार्थियों (दो छात्रा और एक छात्र) की मौत के मामले में गिरफ्तार किए गए चालक की दूसरी जमानत याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया। आईओ ने कहा, "विस्तृत जांच में पाया गया है कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) आरोपी पर लागू नहीं हो रही है।" कथूरिया पर आरोप है कि उनकी ‘फोर्स गोरखा' कार के पानी से भरी सड़क से गुजरने के कारण पानी कोचिंग सेंटर में घुस गया था, जिसके बाद तीन विद्यार्थियों की मौत हो गई।

बेसमेंट मालिकों की जमानत याचिका भी हुई थी खारिज
अदालत ने बेसमेंट के 4 सह-मालिकों तेजिंदर सिंह, परविंदर सिंह, हरविंदर सिंह और सरबजीत सिंह की जमानत याचिका भी खारिज करते हुए बुधवार को कहा था कि जांच अभी ‘प्रारंभिक चरण’ में है। अदालत ने कहा था कि पार्किंग और घरेलू भंडारण के लिए निर्धारित बेसमेंट का व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जाना ‘कानून का सरासर उल्लंघन’ है। स्थानीय अदालत द्वारा जमानत देने से इनकार करने से कुछ घंटे पहले दिल्ली हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन की अध्यक्षता वाली पीठ ने SUV ड्राइवर को गिरफ्तार करके ‘अजीब’ जांच करने के लिए पुलिस की आलोचना की थी। 

तेज गति से गाड़ी को चलाने से उठी थी लहर
जमानत याचिका खारिज करते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट विनोद कुमार ने कहा था, ‘घटना का CCTV फुटेज देखने पर पता चलता है कि पहले से ही भारी जलभराव वाली सड़क पर आरोपी के तेज गति से गाड़ी चलाने से पानी में तेज लहर उठी, जिसके कारण गेट टूट गया और पानी बेसमेंट में चला गया और इस घटना में 3 निर्दोष छात्रों की जान चली गई।’ मजिस्ट्रेट ने कहा कि वीडियो फुटेज से ‘प्रथम दृष्टया’ पता चलता है कि कथूरिया को कुछ राहगीरों ने तेज गति से गाड़ी न चलाने के लिए आगाह किया था, लेकिन उसने कोई ध्यान नहीं दिया।

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